जो गले लगा लेता है
जीना ही छोड देता है।

( गूगल इमेज)
जिंदगी एक सागर है
हम उसकी एक गागर है
उपरवाला पैदा कर
हर क्षण इस गागर में
एक एक बूंद जीवन के टपकाता रहता है
और
जब यह गागर भर जाती है
वो उसे फोड देता है
फर्क बस इतना है दोस्तों की
कितने तनहा है हम उनके बिना,
किसी से कह भी नहीं सकते।
ये दुःख
ये दर्द
ये तन्हाई,
सह भी तो नहीं सकते।
या खुदा
कितने बद नशीब है हम,
वो सामने आ जाये तो भी
उसने दर्द- ये-हाल
कह भी नहीं सकते।