July 22, 2011

जुदाई

तेरी  आरजू में जन्नत दिखाई देती है,
तेरे अश्को में तस्वीरे किस्मत दिखाई देती है;
तेरी जुदाई भी हमें मंजूर हो सकती है,
लेकिन दिल से दिल जुदा हो ये हमें मंजूर नहीं.



4 comments:

shephali said...

pyar ki pyari sikavita

bdhaiyan

संजय भास्कर said...

beautiful post. THis poem touched my heart,
excellent write!

mahendra srivastava said...

बहुत सुंदर

vidhya said...

बहुत सुन्दर

आपको मेरी हार्दिक शुभकामनायें.
लिकं हैhttp://sarapyar.blogspot.com/
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