April 30, 2010

मुझे मत सताओ

(दोस्तों मेरी दि ११/०८/१९९६ को लिखी एक कवीता यहाँ आपकी खिदमत में पेश कर रहा हुंअच्छी लगे तो अपनीप्रतिक्रियाये जरुर देनामुझे अच्छा लगेगाऔर इससे लिखने वलेका हौसला भी बढ़ता हैआभार! )


मुझे मत सताओं दुनियावालों
मै पहले से ही बहुत परेशाँ हूँ
ज़िन्दगी से हैराँ हूँ
मुझे ही क्यों मिले है ये सारे ग़म
क्याँ अब भी बाक़ी है देना
मुझे कुछ सितम
क्याँ भर डालोगे मेरी झोली
इन गमों से
मत परेशाँ करो मूझे
दुनियावालों मै पहले से ही परेशाँ हूँ
ज़िन्दगी से हैराँ हूँ

ज़िन्दगी एक तमाशा

ज़िन्दगी एक तमाशा है,
कुछ पाने की आशा है।
पर हाथ लगी,
कभी आशा कभी निराशा है।
ज़िन्दगी एक तमाशा है..

ज़िन्दगी बुलबुला ये पानी है,
पल में फटने से
जो ख़त्म हो जाए
वो इसकी कहानी है,
पहले बचपन
अंत में बुढ़ापा,
बीच में जिसके ज़वानी है

April 25, 2010

घर किराए पर देना है!!!


यदि किसी को घर किराये पर चाहिए हो तो कृपया संपर्क करे! उस घर का फोटो दे रहा हु। पसंद हो तोही किराये की बात करे। वरन हमारा वक्त जाया न करे। अजी जनाब आजकल वक्त किसके पास है। बाकि सब कुछ है लेकिन समय नहीं है।

April 22, 2010

ज्वालामुखी





दोस्तों पि छ ले कुछ दिनों से हम करीबन रोजाना टी.व्ही. में ज्वालामुखी पर खबरे देख रहे है। भर में हलचल मचा देने वाला यह ज्वालामुखी है। दुनियाभर की विमान सेवा बंद कर देनेवाला यह ज्वालामुखी। वो भी ऐसी जगह पर निकला है जहा चारो तरफ सिर्फ बर्फ ही बर्फ है। iceland में। कमाल है न उसकी।
इस ज्वालामुखी की कुछ तस्वीरे यहाँ दे रहा हु।

April 19, 2010

क्यो इतनी पथ्थर दिल हो तुम?

फुल सी नाजूक हो तुम,
शहद जैसी मिठी हो तुम,
तकदीर यदी साथ न दे तो
कांटो की चुभन हो तुम,
जिंदगी के शुभ नाम से
दुनिया में पहचानी जाती हो तुम॥ १॥

सबकी आंखो की चमक हो तुम ,
सबकी सांसो की लय हो तुम,
सांस यदी साथ न दे
तो दिल की एक चुभन हो तुम
जिंदगी के शुभ नाम से
दुनिया में पहचानी जाती हो तुम॥ २ ॥

गरीबो की राहो के कांटे हो तुम,
अमिरो के घरो की शोभा हो तुम,
सबको जीवन में सुख चैन न देती,
क्यो इतनी पथ्थर दिल हो तुम,
जिंदगी के शुभ नाम से
दुनिया में पहचानी जाती हो तुम॥ ३ ॥

प्यार के फूल


जिन्दगी की राहो मे कांटॊं से बुने गालिचो पर चलते रहे है हम,
प्यार के फुल बिछा दो तो जख्मो को सुकुन मिल जाये।
जख्मी दिल को कुछ राहत मिल जाये,
और जिन्दगी के कुछ लम्हे चैन से जी सके हम।

April 18, 2010

तन्हाई


तरसता रहा जिंदगी भर
एक हमसफर मील जाये
साथ निभाने को,
मगर मिल न सका कोई
राहगुजर
मिटाने इस तन्हाई को।

April 16, 2010

जिंदगी

जिंदगी हम तुम्हारे करीब आना चाहते है
तुम्हे सही माने में जीना चाहते है,
बस दो वक्त सकूँ मिल जाए
चैन की साँसे मिल जाए
यही चाहत है हमारी जीवन भर के लिए
पर तुम हो की पास नहीं आती पल भर के लिए
पल भर के लिए
पल भर के लिए

April 13, 2010

कटी पतंग



दोस्तों आज मै यहाँ मेरी अपनी लिखी एक और कविता पेश कर रहा हुयह कविता मैंने २३-०३-१९८२ को लिखीथी जब मै इन्दोर में इंजिनीअरिंग कोलेज में पढ़ रहा था.
"इंसा" नाम है उस पतंग का,
जो जीवन रूपी आकाश में
वक्त रूपी कच्ची डोर से बंधी हुई
विचरती रहती है।
और
जब मौत रूपी गीदड़
उस आकाश में विचरते है
तो रस्ते में आने वाले सभी पतंगों को कांट देते है
और
वो पतंग
एक कटी पतंग की तरह गिरकर
धरती की गोद में समां जाती है।

( रविन्द्र रवि 'कोष्टी' )

April 10, 2010

सिम्पली पोयट डॉट कॉम

दोस्तो काल मैने आपको एक बेहतरीन वेब साईट के बारे में बताया था। आज मै और एक वेब साईट के बारे में बताना चाहता हुं। उसका नाम है "सिम्पली पोयट डॉट कॉम"
आप हिंदी मराठी अंग्रेजी या आपकी अपनी किसी भाषा में कविताये लिखते हो तो इस साईट पर आप अपनी कवीता प्रस्तुत कर सकते है। यहा लिंक दे रहा हुं.
http://simplypoet।com/

इस साईट पर मेरी कई साड़ी हिंदी अंग्रेजी और मराठी की कविताये प्रस्तुत की है।
धन्यवाद.

एक बेहतरीन वेब साईट


दोस्तों मै आपको एक अनोखी वेब साईट पर ले जाना चाहता हु। शायद आप लोगो को मालूम होगा। लेकिन न हो तो एक बार जरुर पढ़िए।
हम अपनी रोज मर्रा की जिंदगी में जो काम करते है उसमे हमें कुछ न कुछ नयापन लाना होता है वरन हम बोर हो जाते है। बस उसी वक्त हमारे जहाँ में कुछ नै आयडिया आई हुई होती है। यही हम वेब साईट पर दुनिया भर के लोगो से शेअर कर सकते है। हो सकता है इसी आयडिया का बखूबी
इस्तेमाल कर कोई नयी चीज बन जाये जो आम लोगो के दैनंदिन काम में आये।
तो आइये आपको उस साईट का पता बताता हु। इस साईट पर मैंने भी मेरी कुछ आइडियास लिखे है जरुर पढ़िए।
http://en।ideas4all.com/

April 8, 2010

एक अनोखी शादी

दोस्तो एक बार की बात है। एक चिंटी और एक हाथी की दोस्ती हो गई। वैसे तो वो कट्टर दुश्मन है लेकिन पता नही क्यो उनकी दोस्ती हो गई। फिर क्या था। रोज रोज का मीलना, घुमना फिरना, वो थंडी हवा के झोके, वो रुठना फिर मनांना फिर रुठना फिर मनांना यु ही चलता रहां । और फिर वही हुआ जिसका डर था और जो दो प्यार करने वालो के साथ होता है.
उन दोनो का नाम जंगल के समाज में बदनाम होने लगा। लोग तऱ्ह तऱ्ह की बाते करने लगे। फिर एक दिन पंचायत बुलाई गयी। दोनो पक्षो को पंचायत ने बहुत समझाया की एक हाथी और चिंटी का कोई मेल नही है। लेकिन दो प्यार करने वाले कभी किसी की बात मानते नाही। पंचायत ने फैसला सुना दिया। हाथी और चिंटी दोनो को शादी करनी पडेगी।
दोनो ने आग पीछा कुछ भी न सोचते हुये शादी के लिये रजामंदी जाहीर कर दी। दोनो की धूम धाम से शादी हो गाई।
और जंगले सभी प्राणी दोनो को छोड अपने अपने घर चले गये।
रात बीती और सुबह रोजमर्रा की चहल पहल सुरु हुई। अचानक एक बंदर का ध्यान गया और वो चिल्लाया अरे हाथी मर गया। सब प्राणी जमा हुए। चिंटी रो रही थी। सभी ने उसे शांत किया। लेकिन उसने कहा, अरे भाईयो मै शांत कैसे रहू। मै तो लुट गई बरबाद हो गयी। एक दिन की शादी हुई लेकिन अब तो मुझे जिंदगी भर कबर खोदनी पडेगी उसका क्या।

बेहतरीन गजलें

जगजीत सिंह जी की कुछ बेहतरीन गजलें पेश करना चाहता हूँ दोस्तों। सुनिए और लुत्फ़ उठाइये.



April 5, 2010

मृगतृष्णा

( मेरी अपनी कई सालो पहले लिखी एक और कविता जो जीवन की सच्चाई को बयां करती है। )

ये दुनिया नहीं मेला है,
मुसाफिरों का झमेला है,
यहाँ न भाई न बहन न माता पिता,
हर आदमी बस अकेला ही अकेला है।

सबकी आँखों में एक सपना है,
ये, वो और वो भी अपना है,
परन्तु मरने के बाद
सब साथ छोड़ देते है हमेशा के लिए
ये जीवन एक मृगतृष्णा है।

खुबसूरत रात

दोस्तों आज मै आपकी खिदमत में मैंने २९-०६-१९८३ को लिखी एक प्रेम कविता पेश कर रहा हुआपको कैसे लगीजरुर लिखियेगाज़रा गौर फरमाइए जनाब...

सूरज डूबा
और एक खुबसूरत
लेकिन
सांवली रात आई।
सांवले पण से संजी
और
चाँद की मंद मंद रोशनी से नहाई
ये रात
कितनी खुबसूरत है।
वो चांदनी में चमकती घनघोर जुल्फे
वो जुल्फों में छुपी मदमस्त आँखे
वो चेहरा, खुबसूरत चेहरा,
किसी शिल्पकार के हाथों से,
कड़ी मेहनत से कुरेदकर बनाया गया
वो खुबसूरत चेहरा
जिसके गहने है
शरारती आँखे
नशीले ओंठ
सुडौल नांक
और वे जुल्फें
कितनी खुबसूरत
लग रही है
ये रात.