November 23, 2011

काश जिंदगी...........

(दोस्तों जिंदगी इंसा कुछ इस कदर जीता है की उसे उसके मायने ही समझ नहीं आते. अभी अभी मुझे इस विषय पर एक कविता सूझी और उसे यहाँ आपकी खिदमत में पेश कर रहा हू. दि. २३/११/२०११))
काश जिंदगी खुशबू होती,
इंसा सारी जिंदगी
खुशबूदार जीवन व्यतीत करता.

काश जिंदगी आईना होती,

इंसा खुद को हर रोज
उसी आईने में निहारता
अपनी सारी बुराइया खुद जान जाता
और वक्त रहते उन्हें सुधार लेता,
लाखो करोडो के ख्वाब झूठे होते है
यह वक्त रहते खुद देख समझ पाता
और इत्मीनान से अपने परिवार के साथ
खुशहाल जिंदगी जी लेता
काश जिंदगी.............

November 16, 2011

आशा की किरण

एक आशा की किरण 
जिसके सहारे
संभाल कर रखे हुए हूँ 
एक फूल गुलाब का,
कोई तो आएगा 
शायद
कभी- न- कभी 
मेरे सुख-दुखों 
का साथी
मेरा हमसफर 
मेरा हमराही.

(६/१२/१९८७ को लिखी मेरी एक और कविता)

November 14, 2011

खालीपन

एक हसीं लम्हा
जो 
लाया  था मेरे लिए
सारे जहाँ की खुशियाँ
अगले ही पल
खत्म हो गया
और
मुझे रोता बिलखता
छोड गया
इस अँधेरे जीवन में
जो
खालीपन से भरा है. 
( 6/12/1987 को लिखी मेरी एक कविता)

November 11, 2011