November 18, 2017

सुप्रभात

. .  . . 🙂सुप्रभात😀
मुस्कुराके हर पल बिताना सिखाे,
गमों को हँस के टालना सिखो ।
परेशानियाँ सभी को है जिंदगी में उन्हें भी हँसते हँसते जीना सिखो।।
https://ravindra1659.wordpress.com

November 9, 2017

गम का एहसास!!

जिदगी में गम न होते
अगर
खुशियों से आनंद कैसे
मिलता?
खुशियाँ न आती जिंदगी में
अगर
तो गम का अहसास कैसे होता?

रविंद्र "रवि " कोष्टी

जिंदगी की सच्चाई

"चलते चलते ठोकर लगना
गिरते गिरते संभलना
फिर भी गिर जाना
गिरते ही बौखलाना
हिम्मत बांध उठने की कोशिश
उठते उठते लडखडाना
फिर उठना कपडे झटकना
और चल पडना
अपने गंतव्य की ओर"
इसी का नाम तो
जिंदगी है
किसी ने पुछा जब मुझसे
मैंने बताई
जिंदगी की सच्चाई!

रविंद्र ""रवि " कोष्टी

October 20, 2017

दिवाली की रात

 दिवाली की रात
दूर आकाश में
छु कर
वो चाँद देखने की कोशिश करता होगा
यहाँ धरती पर
दिवाली की रात लोग
क्या-क्या कर रहे है
लेकिन उसकी आँखे
धरती पर जलते करोडो दियो 
लाखो पटाखों  की
जगमगाती  रोशनी से

चौंधिया  जाती होगी




October 19, 2017

Happy Diwali*****


September 29, 2017

शुभ दशहरा

             सर्व मित्रांना दसऱ्याच्या हार्दिक शुभेच्छा!!!!!!!

सभी दोस्तो को दशहरे की शुभ कामनाये !!!!!!!!

September 28, 2017

पूछो तो जाने

दोस्तों, इन्सान को उपरवाले ने कुछ इस तरह बनाया है की किसी भी चीज पर उसकी नजर जाये तुरंत ही उसके दिमाग में हलचल सुरु हो जाती है. यदि वह चीज जनि पहचानी है तो उसे उसका नाम तुरंत ही याद आ जाता है. यदि नहीं, तो वह सोचता रहता है "
ठीक इसी तरह उसके जहन में हर पल अनगिनत सवाल उठते रहते है. कई सवालों के वह जवाब  ही नहीं जान पाता और कई ऐसे सवाल होते है जिन्हें वह जानना तो चाहता है मगर उसे उसका जवाब ही नहीं मिल पाता.

जब से इंटरनेट आया है हमारा काम थोड़ा आसान हो गया है. कई सवालों के जवाब उस जंजाल में मिल जाते है.
लेकिन इन सवालो के जवाब जानने के लिए हम एक और तरिका अपना सकते है.
yahoo answer  और quora ये ऐसी ही साईट है जहा आप अपना सवाल डालिए, दुनियाभर से कोई न कोई आपके सवाल का जवाब जरुर देता है. मगर ये दोनों आंतर्राष्ट्रीय साईट है.
हाल ही में मेरी बेटी ने  ऐसी ही साईट खुद तैयार की  है और उसे लोन्च भी किया है.
ma.pruchha.com इस साईट पर आप मराठी में सवाल दाल सकते है और जवाब दे सकते है.
 pruchha.com भी ऐसी ही साईट है.
आप सभी दे निवेदन है की आप खुद, आपके बच्चे या और भी लोगो से इस साईट का इस्तेमाल करने के लिए कहे.

जिंदगी की रफ़्तार

रस्तो पे बाईक या कार चलाने वाले भाई यो से गुजरीस है की अपनी गाडी की रफ्तार अपने कबु में खे। इसी सिलसिले में एक कवीता पेश कर राहा हुं. जरा गौर फरमायेगा
" वाहन क्या है?
जिंदगी को एक जगह से
दूसरी जगह ले जाने भर का एक साधन ही तो है
लेकिन
इसकी रफ्तार यदि पकड़ से बहार चली जाये
तो
जिंदगी को इस दुनिया से
उस दुनिया में ले जाने का एक साधन बन जाती है."



इसलिए दोस्तों गाड़ी इतनी गति से चलाये की वह अपनी पकड़ में हो
चाहे जब उसे रोक सके
वरन

August 15, 2017

बचपन की यादे

बचपन की यादे 
वो बारिश के  दिन 
वो बरसात की रातें
वो बचपन की यादें!

फिर हुई वो बारिश सुबह 
फिर एक बारिश की शाम हुई,
फिर सूरज ढला,
फिर आई वो बरसात की रात,

ये सिलसिला
बरसात लेते आते  
रात दिन का 
यूँ ही चलता रहता था,
कई दिन ऐसे ही 
बारिश होते रहती थी,
नदियाँ
 अपने पुरे जोश में
बहा कराती थी कई दिन,

अब वो एक ख्वाब ही रह गया है.
सिलसिला तो अब भी चलता रहता है,
रात दिन का का
पर अब बारिश
 "कुछ पल" 
के लिए होती है
बाकि दिन तो धुप ही होती है.
पता ही नहीं चलता 
कब बारिश का मौसम आया 
और चला गया.........

कवी- रविन्द्र "रवि" ( कोष्टी) 
१५/०८/२०१७