December 31, 2010

साल मुबारक


सभी दोस्तों को नए साल की हार्दिक शुभकामनाये। इस अवसर पर मैंने एक कविता इस फोटो पर लिखी है। कविता मैंने ही लिखी है। वह यहाँ पेश कर रहा हु।

December 27, 2010

योगगुरु




मित्रो स्वामी रामदेवजी ने योग के अलावा एक और काम अच्छा और हमारे भले का किया है। वो है हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में आवश्यक चीजे उपलब्ध करना। आज उनके बिस्किट भी उपलब्ध है। हम पिचले करीबन ३ सालो से उनके द्वारा उपलब्ध कराये गए प्रोडक्ट ही इस्तेमाल करते आये है। दन्त कान्ति, स्नान के लिए साबन, केश के लिए सेम्पू, दांतों का ब्रश ये चीजे भी अब उपलब्ध की जाती है। हम ये ही इस्तेमाल करते है। बहुत बढ़िया अनुभव है।

कल मै कुछ सामान खरीदने पर केरी बेग मांगी तो मुझे न्यूज पेपर से बनी एक बेग दी गयी। मै बहुत खुश हुआ। वाकई आज कल के समय में इस तरह पेपर बेग इस्तेमाल करना बहुत जरुरी हो गया है।

December 20, 2010

तनहा

कितने तनहा है हम उनके बिना,
किसी से कह भी नहीं सकते।
ये दुःख
ये दर्द
ये तन्हाई,
सह भी तो नहीं सकते।
या खुदा
कितने बद नशीब है हम,
वो सामने आ जाये तो भी
उसने दर्द- ये-हाल
कह भी तो नहीं सकते।