Digital Hindi Blogs
September 8, 2020
होमाफिस
लेकिन एक बात ध्यान देने लायक है. इसमें आय.टी क्षेत्र के ही ऐसे लोग है जिनको लोक डाउन और इस बीमारी का कोई खास असर नहीं पड़ा है. क्यों की सॉफ्टवेयर पर कही भी बैठकर काम किया जा सकता है. आपके पास बस एक लेपटॉप और इंटरनेट चाहिए। सफर में भी आप काम कर सकते है. इतना ही नहीं दुनिया के किसी भी कोने में आप हो तो भी आप काम कर सकते है. यही इस नौकरी की खाशियत है. इसलिए जब से लॉक डाउन हुआ है आय टी वाले घर बैठकर ही काम कर रहे है. घर जैसे ऑफिस हो गया हो. इसलिए मैंने घर को घर नहीं अब होमाफिश कहना बेहतर समझा है.
एक बात लेकिन खटकती है. घर में ऑफिस जैसी शांति का माहौल बनाना पड़ता है. क्योकि उन लोगो की ऑनलाइन मीटिंग होती रहती है. इसलिए घर में कोई आवाज नहीं कर सकता. ना गाना गाना . ना गुनगुनानाना. बस मुँह पर हाथ रख के चुपचाप बैठे रहना. टी व्ही नहीं, ना समाचार देखो ना सीरियल. इंसान करे तो क्या करे भाई? पागल ही होगा और क्या? कौन बोला भाई? अरे ये तो मेरा अपना दिल ही बोल रहा है. इस मोबाईल बनानेवाले का तहेदिल से शु क्रिया अदा करना चाहिए. अच्छा हुआ उसने यह अविष्कार दुनिया को दिया. काम से काम हम बूढ़े लोगो के काम तो आया. किताबे बहुत है घर में. लेकिन जब से स्मार्ट मोबाईल आया है तब से कोई भी किताब पढ़ना पसंद नहीं करता. अजी हाथ भी नहीं लगता कोई. चलो छोड़ो.
बच्चे जो आय टी में है एक कमरा अड़का के बैठ जाते है पूरा दिन. उस कमरे में दूसरे सभी को प्रवेश बंद रहता है . सिर्फ माँ को परमिशन रहती है. माँ चाय देना, माँ पानी देना, माँ खाना देना, फिर दोपहर की चाय फिर रात का खाना. और दिनभर बेचारे काम करा के थक जाते है इसलिए माँ रात में कोई काम नहीं बताती. बाप बेचारा पुरादिन काम करता रहता है. इस बुढ़ापे में लेकिन थकता नहीं. अजी थकता हो तो भी कौन सुननने वाला बाकि है इस दुनिया में.. एक माँ ही होती. जिसे अपना दुखडा सूना पाते थे. वो भी चली गयी. अब बस अकेले ही बतियाते रहो. कोई सुनाने वाला बचा ही नहीं. घरवाली तो सुनाने से रही. बतियाने के लिए मुँह खोला नहीं की चल देती है. वो शब्द मुँह में ही अटक के रह जाते है. बेचारे. पैदा होने से पहले की मर जाते है.
अच्छा इस कोरोना से पहले किसी बहाने बाहर घूमने या कहे कुछ खरीदने निकल पड़ते थे. पर इस लोक डाउन ने नहीं नहीं इस कोरोना ने वो रास्ता भी बंद कर दिया है. और उसे देखो तो. वो खुले आम दुनिया में घूम रहा है. कोई रोकटोक नहीं. किस की हिम्मत है जो उस बन्दे को रोक सके. अजी उससे फासला जो बनाना होता है. यदि कोई नजदीक आ भी जाये तो वही कह देता है की "कॄपया सामाजिक दुरी बना के रखिये. सरकारी नियमो का पालन करिये." बेचारे सभी दूर भाग जाते है.
इस लॉक डाउन सब से बुरा असर किसी पर पड़ा है ऐसा बोले तो वो बूढ़ो पर पड़ा है. क्यों की घर में २४ घंटे रहो तो घर वालो को बोझ लगते है. बहार निकालो तो कोरोना दबोचने के लिए तत्पर रहता है. बेचारे बूढ़े लोग जाए तो कहाँ जाए.
August 29, 2020
दिल की गहराई
August 3, 2020
हिंदी हमारी भाषा
हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा बडी गहन है। भावनाओं से ओतप्रोत। आपके मन मे जिस तरह के भाव चल रहे होते है बस उसी मिजास से शब्द आपके मुख से बाहर आते है। जैसे की आप बहुत घुस्से मे है तो आप अपने लाडले को बेटा कह कर नहीं बुलाओगे। उस समय वो भद्दा लगेगा। नहीं नहीं, भाई बेटा शब्द आपके मुख से निकलेगा ही नहीं। आप कहोगे ऐ छोकरे।
वैसे ही बेटे को पिताजी ने पैर मारा ऐसा कही कहा जाता है भला? उस समय लात मारी यही कहना उचित होता है और शोभा भी देता है।(पिताजी ने लात मारना यह पुराने जमाने की बात हो गयी अब।)
जब आप प्यार दुलार से बात करते हो तब आपके मुँह से बेटा जरा यहाँ आओ। ऐसे शब्द बाहर आयेंगे। उस समय ऐ छोकरे इधर आ ऐसा बिल्कुल भी नही कहोगे।
वैसे ही पत्नी जब पती को लाड प्यार से आवाज देती है तो अजी जरा सुनो तो ऐसे कहेगी। लेकिन जब गुस्से मे हो तब .......
July 26, 2020
आर्ट ऑफ लाईफ
July 11, 2020
सुंदरता...
July 7, 2020
खुबसुरती...
July 2, 2020
June 28, 2020
June 21, 2020
अपने अंदर झांकें कौन?
June 14, 2020
June 12, 2020
June 3, 2020
कर्म...
May 30, 2020
May 26, 2020
May 23, 2020
May 15, 2020
May 13, 2020
May 12, 2020
May 9, 2020
हसते रहीये जी...😊
April 20, 2020
व्यक्तित्व
April 18, 2020
प्रभुकृपा
April 2, 2020
बेबस इंसान
March 27, 2020
कोरोना का कहर...
March 16, 2020
भाग्यशाली...
March 14, 2020
चिंता और चिंतन
March 9, 2020
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March 1, 2020
प्रात: स्नेह वंदन्
February 22, 2020
February 20, 2020
February 18, 2020
वाह री जिंदगी..
February 17, 2020
सलीक़ा...।
February 10, 2020
February 9, 2020
दोस्त....
February 7, 2020
जीवन का अर्थ...
February 3, 2020
सच्ची सोच...
February 1, 2020
रोशनी..
January 30, 2020
रिश्तें...।
January 29, 2020
भाग्यवान...
January 22, 2020
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January 19, 2020
सफलता...
January 17, 2020
हमारा बचपन....
January 15, 2020
जीवन की सार्थकता
January 14, 2020
जिंदगी का खेल
January 12, 2020
संस्कार...
January 11, 2020
ऐ राही.....
January 10, 2020
पक्के धागे...
January 9, 2020
यादें
January 8, 2020
सुख
January 7, 2020
संस्कार
✍✍
पूरी दुनिया जीत सकते है,
संस्कार से...!
और..,
जीता हुआ भी हार जाते है,
अहंकार से...!!
💞💞शुभ सकाळ💞💞
January 6, 2020
19 उंटों की कहानी
January 3, 2020
किस्मत
January 2, 2020
आत्मविश्वास
January 1, 2020
बिते वर्ष......स्वागत २०२०
बिते वर्ष पग पग चलते हर राही का मुझको स्नेह मिला,
हर पल हर पल न थम चलती सांसों से भी मुझको स्नेह मिला,
राहों में मिलते सुख दुख ने भी मनभर मुझको स्नेह दिया,
हर राह पर मित्रों ने भी मुझको परम स्नेह
वितरित किया
बस रह गया इतना ही मुझसे मैने न उनको धन्यवाद दिया,
आज इस वर्ष समाप्ती की और नव वर्ष आगमन की बेला पर,
मेरा हर राही, मेरी सांसों तुमको,
सुख दुख और मित्रों तुमको भी
दिल की गहराईयों से धन्यवाद।
नववर्ष में भी तुम सब मेरे साथी होंगे
जब थक जाऊँ चलते चलते
बतियाने को तुम संग संग होंगे
यहीं कामनाएँ है मेरी
वादा निभाने की है अब तुम्हारी बारी
नववर्ष की सब को शुभ कामनाएँ प्यार भरी।December 31, 2019
मस्त है जिंदगी
December 28, 2019
कर्म....
December 27, 2019
अहंकार
December 26, 2019
रिश्ते
December 25, 2019
उम्मिद...
December 23, 2019
हेप्पी सर्दी
December 22, 2019
खुश रहो...
December 21, 2019
मानवीय गलती
December 20, 2019
फैसले....
December 19, 2019
धन और संस्कार
December 18, 2019
फैसला
December 17, 2019
सच्ची मानवता
December 16, 2019
प्रशंसा और निंदा
December 15, 2019
अच्छा वक्त...
December 14, 2019
प्रयत्न करें...
December 13, 2019
बस आज है ज़िन्दगी....
December 12, 2019
बिन माँगे सब मिल जायेगा !
December 11, 2019
मत कहना, हम ओल्ड हो गये!
December 10, 2019
December 9, 2019
खुशियाँ बाँट रहे हैं......
December 8, 2019
आत्म मूल्यांकन...
December 7, 2019
भगवान पर भरोसा
December 6, 2019
सोच का प्रभाव
December 5, 2019
गुस्सा....
December 4, 2019
जीने के लिये......
December 3, 2019
December 2, 2019
December 1, 2019
मैं, मैं और मैं..
November 30, 2019
कर्तव्य
November 29, 2019
रिश्ता.....
November 28, 2019
इंतजार..
November 27, 2019
बातों की खुशबू
November 26, 2019
विश्वास...
November 24, 2019
सदैव खुश रहें🌹😊
ठंड...
November 22, 2019
नोंकझोक...
नजर और नसीब
खुशियाँ
November 21, 2019
दर्द....
बस सीना खोल के बोल दो
कुछ माहौल बन जाए।
मौत आ भी जाए अगर चुपके से
दर्द ऐ दास्ताँ सुन
दर्द से वो भी अपनी ही जगह जम जाए।।
November 19, 2019
बेहतरीन जिंदगी...
November 18, 2019
घर......!🌹
November 17, 2019
दौलत.....
November 15, 2019
"जिंदगी" की सांसे!🌹
November 11, 2019
जिंदगी२
November 10, 2019
जिंदगी.....
ये चारों जीवन में सही मिलें तो,
ज़िंदगी "निख़र".... जाती है .
वरना "बिख़र" ज़ाती है ...
