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September 9, 2020

इज़हार.....

तुम आती हो,
साथ खुशियों की हजारोंं
लहरें लेकर,
हर लहर के संग 
उडने को मन करता हैं।
खुशियों के गुब्बारे 
आसमाँ में उडने लगते हैं,
बस 
इज़हार करने से डर लगता है।

रविंद्र "रवी" कोष्टी

July 7, 2020

खुबसुरती...

इज़हारे खुबसुरती उन्हे मंजूर नहीं
हम तो बस दिल के हालात बयाँ करते है।।

मेरी शायरी
रविंद्र "रवी" कोष्टी

February 20, 2020

खुशियाँ

खुशियाँ तो बहुत आती है जिंदगी में
मगर 
हर खुशी तुम्हारा फता पुंछती है।

रविंद्र "रवी" कोष्टी

February 18, 2020

वाह री जिंदगी..

बचपन में
कुछ भी नही था साथ
था तो बस हौसला,
डटे रहे
जिंदगी जिते रहे।
आज बुढापे में 
सब कुछ है
लेकिन 
जिने के लिए 
हौसला नहीं हैं।
हौसला अफ़ज़ाई करनेवाले 
तब भी नदारद थे
आज भी नदारद हैं।

रविंद्र "रवी" कोष्टी

February 10, 2020

खुबसूरत जिंदगी

जिंदगी तुम कितनी खुबसूरत हो,
ये तो हम है जिनकी नज़र मे़ खोट है।

रविंद्र "रवी" कोष्टी

February 9, 2020

दोस्त....

दोस्त वों फुल होते है 
जिंदगी के पेड पर
जो कभी मुरझाते नहीं
हर वक्त जिंदगी में
खुशियाँ बाँटते हैं।

रविंद्र "रवी" कोष्टी

December 10, 2019

परेशाँ जिंदगी..

जिंदगी ने  कुछ इस तरह
परेशाँ कर दिया हमें
न सुख से जी सकते है
न चैन से मर सकते हैं।

April 16, 2019

बुढापा...

उलझी हुई जिंदगी को
सुलझाते सुलझाते ही
कब बुढापा आ बरपा 
हमें पता ही न चला।

दर्द.

दर्द इस कदर छाया है
जिंदगी में
दर्द अगर नदारद हो
जिंदगी से
तो बहुत दर्द होता है।

तिनका...

तुम्हें मुबारक हो खुशी
हमें गम ही सही
जीने के लिए बस
तिनके का सहारा काफी है।

दस्तक...

सुना है खुशियाँ
नशीबवालों के दर पे
ही दस्तक देती है,
हम वो खुशनसीब कहाँ
हम तो गमों के सहारे
ही जी लेते है।

ऐतबार...

आजकल कुछ अजी
दौर से गुजर रहा हुँ यारों
हर पल नब्ज टटोलकर
ये  ऐतबार कर लेता हुँ
कि दिल ने कहीं
धडकना तो बंद नही कर दिया।

November 22, 2018

मुखौटें..

मुखौटें बहुत मिलते है
इस शहर की गलियों में,
बस चेहरों की तलाश जारी है।
--रविंद्र "रवी "

October 18, 2018

ढलती उम्र


अब तो थक जाता हुँ
थोडी दूर चलने से,
मंज़िल नजर आती है
मगर फासला तय नहीं कर पाता।१।

काफिले नजर नहीं आते ,
मंजिलें नजर नहीं आती
उम्र ढल चुकी अब तो,
और दूर चला नहीं जाता।२।

बस अब और नही.
जिंदगी की राह गुजर जाये
चाहे अंधेरे हो या काँटे
इस राह में
नजर तो कुछ नही आना।३।

October 16, 2011

सबका दिल बस युही रोता है.............


मेरे दिल तू इतना गुमसुम क्यो है?
आंखे तेरी इतनी नम क्यो है?
तुझे कोई गहरा गम है?
तू न इतना घबरा, 
प्यार में यही होता है
सबका दिल बस युही रोता है.