Digital Hindi Blogs
November 8, 2019
ख्वाब...
November 7, 2019
तजुर्बा...💐💐
November 4, 2019
💐बड़े दिन हो गए 💐
November 3, 2019
ईश्वर का वास..
November 2, 2019
अच्छा वक्त
अच्छा वक़्त सिर्फ उसीका होता है,.
जो कभी किसी का बुरा नहीं सोचते !!
सुख दुख तो अतिथि है,.
बारी बारी से आयेंगे चले जायेंगे..
यदि वो नहीं आयेंगे तो हम
अनुभव कहां से लायेंगे।🌹
October 29, 2019
ज़रा अदब से......
ज़रा अदब से उठाना इन बुझे दियों को....
इन्होंने कल रात सबको रोशनी दी थी.....
किसी को जला कर खुश होना अलग बात है,
इन्होंने खुद को जला कर रोशनी की थी.....
( व्हाट्सएपसे प्राप्त कविता. अच्छी लगी सो शेअर की।)
October 28, 2019
जिंदगी...
बाहर रिश्तों का "मेला" है..भीतर हर शख्स "अकेला" है..
यही जिंदगी का "झमेला" है..!!
🙏स्नेह वंदन🙏
🌹सुप्रभात🌹
बचपन की दिवाली
बचपन की दिवाली पर गुलजार साहब की लिखी यह पुरानी कविता है।।
अब चूने में नील मिलाकर
पुताई का जमाना नहीं रहा। चवन्नी, अठन्नी का जमाना
भी नहीं रहा।
फिर भी यह कविता आप सब के लिए पेश है--
हफ्तों पहले से साफ़-सफाई में जुट जाते हैं,
चूने के कनिस्तर में थोड़ी नील मिलाते हैं,
अलमारी खिसका खोयी चीज़ वापस पाते हैं,
दोछत्ती का कबाड़ बेच कुछ पैसे कमाते हैं,
चलो इस दफ़े दिवाली घर पे मनाते हैं ...
दौड़-भाग के घर का हर सामान लाते हैं,
चवन्नी-अठन्नी पटाखों के लिए बचाते हैं,
सजी बाज़ार की रौनक देखने जाते हैं,
सिर्फ दाम पूछने के लिए चीजों को उठाते हैं,
चलो इस दफ़े दिवाली घर पे मनाते हैं ...
बिजली की झालर छत से लटकाते हैं,
कुछ में मास्टर बल्ब भी लगाते हैं,
टेस्टर लिए पूरे इलेक्ट्रीशियन बन जाते हैं,
दो-चार बिजली के झटके भी खाते हैं,
चलो इस दफ़े दिवाली घर पे मनाते हैं ...
दूर थोक की दुकान से पटाखे लाते है,
मुर्गा ब्रांड हर पैकेट में खोजते जाते है,
दो दिन तक उन्हें छत की धूप में सुखाते हैं,
चलो इस दफ़े दिवाली घर पे मनाते हैं ...
धनतेरस के दिन कटोरदान लाते है,
छत के जंगले से कंडील लटकाते हैं,
मिठाई के ऊपर लगे काजू-बादाम खाते हैं,
प्रसाद की थाली पड़ोस में देने जाते हैं,
चलो इस दफ़े दिवाली घर पे मनाते हैं
बूढ़े माँ-बाप का एकाकीपन मिटाते हैं,
वहीं पुरानी रौनक फिर से लाते हैं,
सामान से नहीं, समय देकर सम्मान जताते हैं,
उनके पुराने सुने किस्से फिर से सुनते जाते हैं,
चलो इस दफ़े दिवाली घर पे मनाते हैं ...🙏
October 27, 2019
दिपावली की शुभकामनाएँ
एक दिया ऐसा भी हो , जो
आपके भीतर तक प्रकाश करे ,
एक दिया मृतप्राय जीवन में ,
फिर आकर कुछ श्वास भरे |
एक दिया सादा हो इतना ,
जैसे साधु संत का जीवन ,
एक दिया इतना सुन्दर हो ,
जैसे देवों का उपवन |
एक दिया जो भेद मिटाए ,
क्या तेरा क्या मेरा है ,
एक दिया जो याद दिलाये ,
हर रात के बाद सवेरा है |
एक दिया उनकी खातिर हो ,
जिनके घर में नहीं है दिया ,
एक दिया उन बेचारों का ,
जिनको घर ही दिया नहीं |
एक दिया सीमा के रक्षक ,
अपने वीर जवानों का ,
एक दिया मानवता-रक्षक ,
चंद बचे इंसानों का |
एक दिया विश्वास दे उनको ,
जिनकी हिम्मत टूट गयी ,
एक दिया उस राह में भी हो ,
जो कल पीछे छूट गयी |
एक दिया जो अंधकार का ,
जड़ के साथ विनाश करे ,
एक दिया ऐसा भी हो , जो
भीतर तक प्रकाश करे ||
एक दिया ऐसा भी हो जो
हर सांसारिक अन्धकार दुर करें।
आप सभी को और आपके परिवार के सभी सदस्यों को दीपावली की ढेरों बधाई एवं शुभकामनाएं💐👏🏻
आप सभी खुश रहें, स्वस्थ रहें और समृद्ध बने।
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।
October 26, 2019
दीपावली महोत्सव
🙏 🙏 🙏🙏🙏दीपावली महोत्सव के लिये सभी वरिष्ठजनों को विनम्र अभिवादन, हम उम्र सुजनों एवं सहयोगियों को शुभेच्छा एवं सभी सुहृदों के लिये शुभ आशीष.🙏🙏🙏
आप सभी अपने परिवार सहित खुश रहें, स्वस्थ रहें और समृद्ध रहे ।
*******🍀☘🌹☘🍀********
October 22, 2019
अच्छा वक़्त ...
अच्छा वक़्त सिर्फ उसीका होता है,.
जो कभी किसी का बुरा नहीं सोचते !!
सुख दुख तो अतिथि है,.
बारी बारी से आयेंगे चले जायेंगे..
यदि वो नहीं आयेंगे तो हम
अनुभव कहां से लायेंगे।
🌹शुभप्रभात🌹
October 20, 2019
रिश्ते🌼
एक लाज़वाब बात जो एक पेड़ ने कही...
🌼हर रोज़ गिरते हैं "पत्ते मेरे"🌼
🌼फिर भी हवाओं से बदलते नहीं रिश्ते मेरे...🌼
🌼🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏🌼
October 19, 2019
मन की शांति
⭐दुनिया में सबसे
अनमोल मन की शांति है
जो ना बिकती है
न खरीदी जा सकती है
मन अशांत हो तो
महंगी से महंगी चीज
से भी शांत नहीं होता⭐
🌸🌸🌸सुप्रभात🌸🌸🌸
October 16, 2019
शुभ प्रभातम्
"दूरियों" का ग़म नहीं अगर......
"फ़ासले" दिल में न हो,
"नजदीकियाँ"बेकार हैं......
अगर जगह दिल में ना हो..!!
🌷🙏🏻सुप्रभात🙏🏻🌷
October 15, 2019
वक्त" और "दौलत"
☘🌹॥सुप्रभात्-पुष्प॥🌹☘
🕉"वक्त" और "दौलत"
के बीच का सबसे बड़ा अंतर...
आपको हर "वक्त" पता होता है
आपके पास कितनी "दौलत" है,
लेकिन आप कितनी भी "दौलत"
खर्च करके यह नही जान सकते
आपके पास कितना ‘‘वक्त"है !!
जिंदगी.....
दोस्त , किताब , रास्ता , और सोच!
ये चारों जीवन में सही मिलें तो,
ज़िंदगी "निख़र".... जाती है .
वरना "बिख़र" ज़ाती है ...
🌹🌹शुभ प्रभात🌹🌹
October 14, 2019
खुशी.....🙂
(व्हाट्सएप पर प्राप्त एक कविता. अच्छी लगी सोचा शेअर कर दु।)
बहुत दिन बाद
पकड़ में आई...
थोड़ी सी खुशी...
तो पूछा ?
कहाँ रहती हो आजकल.... ?
ज्यादा मिलती नहीं..?
"यही तो हूँ"
जवाब मिला।
बहुत भाव
खाती हो खुशी ?..
कुछ सीखो
अपनी बहन से...
हर दूसरे दिन आती है
हमसे मिलने.. "परेशानी"।
आती तो मैं भी हूं...
पर आप ध्यान नही देते।
"अच्छा"...?
शिकायत होंठो पे थी कि.....
उसने टोक दिया बीच में.
मैं रहती हूँ..…
कभी आपकी बच्चे की
किलकारियो में,
कभी
रास्ते मे मिल जाती हूँ ..
एक दोस्त के रूप में,
कभी ...
एक अच्छी फिल्म
देखने में,
कभी...
गुम कर मिली हुई
किसी चीज़ में,
कभी...
घरवालों की परवाह में,
कभी ...
मानसून की
पहली बारिश में,
कभी...
कोई गाना सुनने में,
दरअसल...
थोड़ा थोड़ा
बाँट देती हूँ,
खुद को
छोटे छोटे पलों में....
उनके अहसासों में।
लगता है
चश्मे का नंबर
बढ़ गया है आपका...!
सिर्फ बड़ी चीज़ो में ही
ढूंढते हो मुझे.....!!!
खैर...
अब तो पता मालूम
हो गया ना मेरा...?
ढूंढ लेना मुझे
आसानी से अब
छोटी छोटी बातों में..."🙂
शब्द...
जब मन खराब हो
तब बुरे शब्द ना बोलें,
क्योंकि.
खराब मन को
बदलने के मौके बहुत मिल जायेंगे
लेकिन शब्दों को बदलने के मौके फिर नहीं मिलेंगे
💐सुप्रभात 💐
🙏जय गणेश जय जय गणेश🙏
October 13, 2019
मन की शांती...
दुनिया में सबसे अनमोल
मन की शांति है
जो ना बिकती है
न खरीदी जा सकती है
मन अशांत हो तो
महंगी से महंगी चीज से
भी शांत नहीं होता
🌸🌸🌸सुप्रभात🌸🌸🌸
जिंदगी का सफर..
अपने हौसलों को ये
खबर करते रहो...
ज़िंदगी मंज़िल नहीं,
सफर है, करते रहो....!!!!
👍सुप्रभात 👍
शब्द और मुस्कराहट
अगर किसी परिस्थिति के लिए
हमारे पास सही शब्द नहीं हैं,
तो सिर्फ मुस्कुरा दीजिये..
"शब्द "
उलझा सकते हैं पर
"मुस्कराहट "
हमेशा काम कर जाती है
##शुभप्रभात##
October 12, 2019
ऐ सांसों
ऐ सांसों जरा आहिस्ता चलों
अब बुढापा आ गया है इस आंगन में।१।
धडकनों तुम भी थोडा सुस्ताना सिखों सफेदी से उजियारा छा गया है इस आंगन में।२।
रविंद्र "रवि" कोष्टी
October 6, 2019
ऐ जिंदगी चल ऊठ.....
तू न थक ऐ जिंदगी,
अभी बहुत दूर तलक जाना है हमें,
तू ही तो है अकेली मेरी हमसफर
चल ऊठ ऐ जिंदगी
इतनी जल्दी थकना नही है हमें।।
तू भी थक जाएगी मेरे जैसी
तो मेरा हौसला अफजाई
कौन करेगा??
मुझे सहारा दे
इस ढलती उम्र मे
कौन है जो ले चलेगा
मेरी उंगली थाम
मुझे उस मंजिल तक
जहाँ तलक होता है
सबका सफर
ऐ जिंदगी
उसके बाद तो तूम भी
बेवफाई करने से नही
कतराओगी
अपना मुँह फेर
आँखे चुरा
मुझे अकेला छोड
चल दोगी
जैसा सब के साथ करती हो
ऐ जिंदगी!!!!
रविंद्र "रवि" कोष्टी
September 21, 2019
दिल....
ख्वाबों मे लगाई थी
आग उनकी यादों को,
जाग गये तो अपने ही
दिल को जलते पाया हमने।
"रविंद्र 'रवी' कोष्टी"
September 14, 2019
गड़बड़ कहाँ हुई ..
गड़बड़ कहाँ हुई ..
दोस्तों, व्हाट्सएप ग्रुप में प्राप्त एक अच्छा संदेश यहाँ शेअर करना चाहता हुँ।
एक बहुत ब्रिलियंट लड़का था। सारी जिंदगी फर्स्ट आया। साइंस में हमेशा 100% स्कोर किया। अब ऐसे लड़के आम तौर पर इंजिनियर बनने चले जाते हैं, सो उसका भी सिलेक्शन IIT चेन्नई में हो गया। वहां से B Tech किया और वहां से आगे पढने अमेरिका चला गया और यूनिवर्सिटी ऑफ़ केलिफ़ोर्निया से MBA किया।
अब इतना पढने के बाद तो वहां अच्छी नौकरी मिल ही जाती है। उसने वहां भी हमेशा टॉप ही किया। वहीं नौकरी करने लगा। 5बेडरूम का घर उसके पास। शादी यहाँ चेन्नई की ही एक बेहद खूबसूरत लड़की से हुई।
एक आदमी और क्या मांग सकता है अपने जीवन में ? पढ़ लिख के इंजिनियर बन गए, अमेरिका में सेटल हो गए, मोटी तनख्वाह की नौकरी, बीवी बच्चे, सुख ही सुख।
लेकिन दुर्भाग्य वश आज से चार साल पहले उसने वहीं अमेरिका में, सपरिवार आत्महत्या कर ली.अपनी पत्नी और बच्चों को गोली मार कर खुद को भी गोली मार ली। What went wrong? आखिर ऐसा क्या हुआ, गड़बड़ कहाँ हुई।
ये कदम उठाने से पहले उसने बाकायदा अपनी wife से discuss किया,फिर एक लम्बा suicide नोट लिखा और उसमें बाकायदा अपने इस कदम को justify किया और यहाँ तक लिखा कि यही सबसे श्रेष्ठ रास्ता था इन परिस्थितयों में। उनके इस केस को और उस suicide नोट को California Institute of Clinical Psychology ने ‘What went wrong'? जानने के लिए study किया।पहले कारण क्या था, suicide नोट से और मित्रों से पता किया। अमेरिका की आर्थिक मंदी में उसकी नौकरी चली गयी। बहुत दिन खाली बैठे रहे। नौकरियां ढूंढते रहे। फिर अपनी तनख्वाह कम करते गए और फिर भी जब नौकरी न मिली, मकान की किश्त जब टूट गयी, तो सड़क पर आने की नौबत आ गयी। कुछ दिन किसी पेट्रोल पम्प पर तेल भरा बताते हैं। साल भर ये सब बर्दाश्त किया और फिर पति पत्नी ने अंत में ख़ुदकुशी कर ली. इस case study को ऐसे conclude किया है experts ने :This man was programmed for success but he was not trained, how to handle failure.यह व्यक्ति सफलता के लिए तो तैयार था,पर इसे जीवन में ये नहीं सिखाया गया कि असफलता का सामना कैसे किया जाए। अब उसके जीवन पर शुरू से नज़र डालते हैं। पढने में बहुत तेज़ था, हमेशा फर्स्ट ही आया। ऐसे बहुत से Parents को मैं जानता हूँ जो यही चाहते हैं कि बस उनका बच्चा हमेशा फर्स्ट ही आये, कोई गलती न हो उस से। गलती करना तो यूँ मानो कोई बहुत बड़ा पाप कर दिया और इसके लिए वो सब कुछ करते हैं, हमेशा फर्स्ट आने के लिए। फिर ऐसे बच्चे चूंकि पढ़ाकू कुछ ज्यादा होते हैं सो खेल कूद, घूमना फिरना, लड़ाई झगडा, मार पीट, ऐसे पंगों का मौका कम मिलता है बेचारों को, 12th कर के निकले तो इंजीनियरिंग कॉलेज का बोझ लद गया बेचारे पर, वहां से निकले तो MBA और अभी पढ़ ही रहे थे की मोटी तनख्वाह की नौकरी। अब मोटी तनख्वाह तो बड़ी जिम्मेवारी, यानी बड़े बड़े targets कमबख्त ये दुनिया, बड़ी कठोर है और ये ज़िदगी,अलग से इम्तहान लेती है। आपकी कॉलेज की डिग्री और मार्कशीट से कोई मतलब नहीं उसे। वहां कितने नंबर लिए कोई फर्क नहीं पड़ता। ये ज़िदगी अपना अलग question paper सेट करती है। और सवाल, सब out ऑफ़ syllabus होते हैं, टेढ़े मेढ़े, ऊट पटाँग और रोज़ इम्तहान लेती है। कोई डेट sheet नहीं।एक अंग्रेजी उपन्यास में एक किस्सा पढ़ा था। एक मेमना अपनी माँ से दूर निकल गया। आगे जा कर पहले तो भैंसों के झुण्ड से घिर गया। उनके पैरों तले कुचले जाने से बचा किसी तरह। अभी थोडा ही आगे बढ़ा था कि एक सियार उसकी तरफ झपटा। किसी तरह झाड़ियों में घुस के जान बचाई तो सामने से भेड़िये आते दिखे। बहुत देर वहीं झाड़ियों में दुबका रहा, किसी तरह माँ के पास वापस पहुंचा तो बोला, माँ, वहां तो बहुत खतरनाक जंगल है इस खतरनाक जंगल में जिंदा बचे रहने की ट्रेनिंग बच्चों को अवश्य दीजिये।
विशेष -बच्चों को बस किताबी कीडा मत बनाईये, बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ धार्मिक, समाजिक व संस्कार भी देना जरूरी है, हर परिस्थिति को ख़ुशी ख़ुशी धैर्य के साथ झेलने की क्षमता और उससे उबरने का ज्ञान और विवेक बच्चों में होना ज़रूरी है।
Don't make them machine with brain rather humans with emotions and feelings
बच्चे हमारे है, जान से प्यारे है।
August 4, 2019
माँ की ममता...
अपने पिता की मृत्यु के बाद बेटे ने अपनी माँ को वृद्धाश्रम में छोड़ दिया और कभी कभार उनसे मिलने चला जाता था ।
एक शाम उसे वृद्धाश्रम से फ़ोन आया कि तुम्हारी माता जी की तबियत बहुत ख़राब है, एक बार आकर मिल लो ।
पुत्र वहाँ गया तो उसने देखा कि माँ कि हालत बहुत गंभीर और मरणासन्न है ।
उसने पूछा :- माँ मैं आपके लिये क्या कर सकता हूँ ?
माँ ने जवाब दिया :- कृपा करके वृद्धाश्रम में पंखे लगवा दे यहाँ एक भी नहीं है
और हाँ एक फ्रिज भी रखना देना ताकि खाना ख़राब ना हो क्योंकि कई बार मुझे बिना खाए ही सोना पड़ा ।
पुत्र ने आश्चर्यचकित होकर पूछा :- माँ, आपको यहाँ इतना समय हो गया आपने कभी शिकायत नहीं करी, अब जब आपके जीवन का कुछ ही समय बचा है तब आप मुझे यह सब बता रही हो ।क्यों ?
माँ ने जवाब दिया :- ठीक है बेटा, मैंने तो गर्मी, भूख और दर्द सब बर्दाश्त तर लिया, लेकिन.......
जब तुम्हारी औलाद तुम्हें यहाँ भेजेगी तो मुझे डर है कि तुम ये सब सह नहीं पाओगे
शानदार, अतुलनीय और आगे भेजने लायक.
July 31, 2019
July 30, 2019
July 20, 2019
अपोलो 11
दोस्तों, विज्ञान जगत में आज का दिन बहुत खास माना जाता है। 50 साल पहले 20 जुलाई 1969 को अमेरिका का अपोलो 11 यह अंतरिक्ष यान पहलीबार चांद्रभुमी पर मानव लेकर उतरा था।
चांद्रभूमी पर पहला कदम रखनेवाला मानव था निल आर्मस्ट्राँग और दुसरे का नाम था एडविन ऑल्ड्रिन.
यह एक ऐतिहासिक दिन था।
June 16, 2019
जिंदगी का एक और दिन.....
देखा,
जिंदगी का एक और दिन गुजर गया
इतिहास मे खुद को समाने के लिए,
तब
आज को याद आया
कुछ तो रह गया है कल का कर गुजरने के लिए
पर, आज सोचता रहा अब कर लेता हुँ
लेकिन आलस ने उसे रोक दिया और
छोड दिया कल करने के लिए
लेकिन नाकाम आज, आज भी न कर सका कल का बचा काम
और देखते ही देखते
जिंदगी का एक और दिन गुजर गया
इतिहास मे खुद को समाने के लिए।
June 10, 2019
उम्र गुजर जाती है.....
उम्र गुजर जाती है
सवालों को जवाबों
तक ले जाने के लिए,
या फिर ठहर जाते है वो
रुह को खामोशी में जलाने के लिए ।१।
(क्रमशः)
(दोस्तों ये मैने नहीं मेरी बेटी ने लिखी है)
June 1, 2019
जन्मदिवस.....
60 के दशक तक जिन लोगों ने जन्म लिया है उनकी जन्म तारीख तकरिबन 1 जून ही है। ऐसा मैने अपने जीवनकाल मे अनुभव किया है। इसका कारण है अपने देश मे उस समय तक पढाई को उतना महत्त्व नही था। माता पिता पढेलिखे न होने से बच्चों के जनम दिन कोई याद नही रखता था।
जब बच्चों का पाठशाला मे प्रवेश करवाने पहुँचते थे तब शिक्षक जनम तारिख पुछते तो याद की जाती थी जन्म के पहले या बाद मे घटित घटनाएँ।
वो भुकंप आया था उसके एक महिने बाद ये पैदा हुआ था। या बहुत बडा अकाल पडा था उस समय ये 2 माह का था। बस इन्ही घटनाओं के आधार पर जनम दिन निश्चित हुआ करते थे।
जिन बच्चों के माता पिता कुछ पढे हुए होते वे कही लिखकर रखते या अस्पताल से प्रमाणपत्र प्राप्त कर लेते थे।
हाँ उन दिनो दाई माँ को ही बुलाया करते थे अस्पताल तो बहुत कम लोग जाते थे।
इनमे से एक बच्चा मै हुँ।
आज एक जून जो सार्वजनिक जन्म दिन भी कहलाता है।
पाठशाला मे प्रवेश करते समय पिताजी को याद नही था इसलिए एक जून लिखी गयी।
April 27, 2019
ये तेरा घर ये मेरा घर
कुछ साल पहले किसी ने एक अलौकिक शहर बसाया. नाम रखा फेसबुक. धीरे धीरे लोग वहाँ अपना डेरा जमाने लगे. फिर अपना घर ही बना लिया। देखते ही देखते करोडों लोगों ने वहाँ अपने घर बना लिए।
फिर एक और शख्स आए और उस दुनिया का नाम रखा व्हाट्सएप। लोगों ने यहाँ भी अपना डेरा लगाना शुरु किया। देखते ही देखते इस दुनिया ने भी अपना विहंगम रुप दिखा दिया।
फिर कोई आया जिसने इंस्टाग्राम नामक दुनिया बसाना शुरु किया। यहाँ भी लोगों ने घर बनाने शुरु किये।
इस तरह लोग आते गये नयी दुनिया बसाते गये।
अब हर किसी ने अपना घर हर नयी दुनिया में बना लिया है। कभी इस घर कभी उस घर घुमना सबकी दिनचर्या बन गयी।
और कहने लगे ये मेरा घर ये तेरा घर।
April 19, 2019
April 16, 2019
खुशियों की बरसात...
खाली खाली
दिन कटें
सुनी सुनी रातें।
अब तो आजा
साथ हो चले
हो शायद
खुशीयों की बरसातें।।
दस्तक...
सुना है खुशियाँ
नशीबवालों के दर पे
ही दस्तक देती है,
हम वो खुशनसीब कहाँ
हम तो गमों के सहारे
ही जी लेते है।
ऐतबार...
आजकल कुछ अजीब
दौर से गुजर रहा हुँ यारों
हर पल नब्ज टटोलकर
ये ऐतबार कर लेता हुँ
कि दिल ने कहीं
धडकना तो बंद नही कर दिया।
March 29, 2019
मच्छरों से छुटकारा☺️☺️
आजकल घरवाली को एक जुनून सवार है। हर रोज यू ट्यूब पर रसोई के तरह तरह के चेनल देखने का जुनून। राज की बात बताऊ? मन ही मन मै खुश होता हुँ। पुछो क्यो? अरे भाई छुटकारा जो मिल जाता है।☺️
खैर।
परसो रात युट्यूब देख रही थी तब मच्छर परेशान कर रहे। वैसे रोज ही करते है। सभी को करते होगे!! वह बोली, जरा युट्यूब पर देखना मच्छर भगाने का कोई नायाब तरिका है क्या? सुनते ही मैने देखना शुरु किया। अलग अलग व्हिडीओ मिले। और उनको दिखाये। कुछ पसंद नयी आये शायद।
आज रात वो अचानक बोली, अजी क्या हुआ? आज एक भी मच्छर नही आया। शायद डर गये कल के हमारा युट्यूब सर्च से!☺️
अरे ये तो नायाब तरिका मिला मच्छरों से छुटकारा पाने का! मैने अपनी पिठ थपथपाई☺️ वो बोली जी रहने दिजिए शाबासकी तो मुझे मिलनी चाहिए मैने ही आपको कहा था सर्च करने को। मै क्या करता दुनिया की रित ही है हर घर मे होम मिनिस्टर की ही चलती है। 😢😢
March 20, 2019
होली है......
होली की हर्षित बेला पर,
खुशियां मिले अपार |
यश,कीर्ति, सम्मान मिले,
और बढे सत्कार ||
शुभ-शुभ रहे हर दिन हर पल,
शुभ-शुभ रहे विचार |
उत्साह. बढे चित चेतन में,
निर्मल रहे आचार ||
सफलतायें नित नयी मिले,
बधाई बारम्बार |
मंगलमय हो काज आपके,
सुखी रहे परिवार ||
आप सभी और आपके परिवार को "होली की ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं"
March 8, 2019
February 8, 2019
जीवन क्या है?
हर पल मुस्कुराते रहो
खुश रहने के लिए ढुंढो बहाना
जीवन क्या है?
बस आना और जाना
हर कोई हो अपना
हर कोई पराया
सब को ही दिल में है बसाना
जीवन क्या है ?
बस आना और जाना।
रविंद्र "रवि" कोष्टी
January 27, 2019
January 15, 2019
जिंदगी जी ले....
सुरज की रोशनी में
जी ले ऐ नादान,
कुछ लोग तो
जुगनु की मंद रोशनी में भी
जीने का हुनर रखते है।
December 31, 2018
मैं मैं हुँ......
मैं मैं हुँ,
मेरा स्वागत
लोग धुमधाम से करते है;
और मेरी उम्र
ढलकर वापस
जाते समय भी
लोग मुझे धुमधाम से
बिदाई भी देते है।
मैं सिर्फ मैं ही हुँ
क्योंकि मेरी उम्र ही
सिर्फ एक वर्ष है।
मैं मैं हुँ
और मेरा नाम है
"साल"
November 22, 2018
November 20, 2018
जींदगी का सच....
जो चाहिए
वो मीलता नहीं।
जो मीलता है
वो टिकता नहीं।
जो टिकता है
वो पसंद नहीं
जो पसंद हो
वो मीलता नहीं
जो मीलता है
वो चाहता नहीं।
जो चाहता हुँ
वो खो जाता है
और जो खो जाता है एक बार
दोबारा नहीं मीलता।
November 2, 2018
प्रार्थना.......
हम जहाँ प्रार्थना करते है
केवल वहीं ईश्वर नही होता..
ईश्वर वहाँ भी होता है
जहाँ हम गुनाह करते है.!
October 28, 2018
नाचीज़ इन्सां
नाचीज इन्सां...
आसमाँ से तारे भी टूट जाते है
तो इस इन्सां का क्या
वो तो नाचीज है
कभी भी
जिंदगी के आसमाँ से
टूट कर गिर सकता है
यह सितारा
रविंद्र "रवी"
October 18, 2018
ढलती उम्र
अब तो थक जाता हुँ
थोडी दूर चलने से,
मंज़िल नजर आती है
मगर फासला तय नहीं कर पाता।१।
काफिले नजर नहीं आते ,
मंजिलें नजर नहीं आती
उम्र ढल चुकी अब तो,
और दूर चला नहीं जाता।२।
बस अब और नही.
जिंदगी की राह गुजर जाये
चाहे अंधेरे हो या काँटे
इस राह में
नजर तो कुछ नही आना।३।
March 8, 2018
आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस...
कण कण को जीवन देती
तु हर घर में उजियारा लाती
तु नर की नारी है
तु सब से न्यारी है
तु ही माया, है तु ही ममता
तु ही लक्ष्मी, तु ही सीता
तेरे बिन उसका जीवन है रिता
जल, थल, आकाश में
जा पहुँची ये सबला
कैसे कहे कोई तुझे अबला।।
" जागतिक महिला दिन" पर सभी महिलाओ को समर्पित.
--रविंद्र "रवि " कोष्टी