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November 7, 2019

तजुर्बा...💐💐

वक्त बदलता नहीं, इंसान बदल जाते है,
बंद आँखों से तो अंधेरे ही नजर आते है
हर तजुर्बा होता है खेल अपनी नजरों का,
रेल की खिड़की से देखो,
तो पेड़ भी दौड़ते नजर आते है...

         💐🙏शुभ प्रभात🙏💐

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