Digital Hindi Blogs



February 8, 2019

जीवन क्या है?

हर पल मुस्कुराते रहो
खुश रहने के लिए ढुंढो बहाना
जीवन क्या है?
बस आना और जाना
हर कोई हो अपना
हर कोई पराया
सब को ही दिल में है बसाना
जीवन क्या है ?
बस आना और जाना।

रविंद्र "रवि" कोष्टी

January 27, 2019

अब बस कर ऐ जिंदगी.....

अब बस कर ऐ जिंदगी
तूने इतना तराशा है मुझे
कि हर कदम फुँक फुँक
कर चलता हुँ।

ऐ जिंदगी.....

ऐ जिंदगी तू बस इतना बता दे
जीने के लिए और
कितने दर्द सहने होंगे।

रविंद्र कोष्टी "रवि"

January 15, 2019

जिंदगी जी ले....

सुरज की रोशनी में
जी ले ऐ नादान,
कुछ लोग तो
जुगनु की मंद रोशनी में भी
जीने का हुनर रखते है।

December 31, 2018

मैं मैं हुँ......

मैं मैं हुँ,
मेरा स्वागत
लोग धुमधाम से करते है;
और मेरी उम्र
ढलकर वापस
जाते समय भी
लोग मुझे धुमधाम से
बिदाई भी देते है।
मैं सिर्फ मैं ही हुँ
क्योंकि मेरी उम्र ही
सिर्फ एक वर्ष है।
मैं मैं हुँ
और मेरा नाम है
"साल"

November 22, 2018

मुखौटें..

मुखौटें बहुत मिलते है
इस शहर की गलियों में,
बस चेहरों की तलाश जारी है।
--रविंद्र "रवी "

November 20, 2018

जींदगी का सच....

जो चाहिए
वो मीलता नहीं।
जो मीलता है
वो टिकता नहीं।
जो टिकता है
वो पसंद नहीं
जो पसंद हो
वो मीलता नहीं
जो मीलता है
वो चाहता नहीं।
जो चाहता हुँ
वो खो जाता है
और जो खो जाता है एक बार
दोबारा नहीं मीलता।

November 2, 2018

प्रार्थना.......

हम जहाँ प्रार्थना करते है
केवल वहीं ईश्वर नही होता..
ईश्वर वहाँ भी होता है
जहाँ हम गुनाह करते है.!

October 28, 2018

नाचीज़ इन्सां

नाचीज इन्सां...


आसमाँ से तारे भी टूट जाते है 


तो इस इन्सां का क्या 

 वो तो नाचीज है

कभी भी 

जिंदगी के आसमाँ से 

टूट कर गिर सकता है

यह सितारा

रविंद्र "रवी" 


October 18, 2018

ढलती उम्र


अब तो थक जाता हुँ
थोडी दूर चलने से,
मंज़िल नजर आती है
मगर फासला तय नहीं कर पाता।१।

काफिले नजर नहीं आते ,
मंजिलें नजर नहीं आती
उम्र ढल चुकी अब तो,
और दूर चला नहीं जाता।२।

बस अब और नही.
जिंदगी की राह गुजर जाये
चाहे अंधेरे हो या काँटे
इस राह में
नजर तो कुछ नही आना।३।

March 8, 2018

आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस...

कण कण को जीवन देती
तु हर घर में उजियारा लाती
तु नर की नारी है
तु सब से न्यारी है
तु ही माया, है तु ही ममता
तु ही लक्ष्मी, तु ही सीता
तेरे बिन उसका जीवन है रिता
जल, थल, आकाश में
जा पहुँची ये सबला
कैसे कहे कोई तुझे अबला।।
" जागतिक महिला दिन" पर सभी महिलाओ को समर्पित.
--रविंद्र "रवि " कोष्टी

February 2, 2018

खुशियाँ-१

खुशियों की अपनी ही
एक अदा होती है,
चुपके से आती है
और
सब को फिदा कर जाती है।

December 1, 2017

चाहत जीने की...

*एक चाहत होती है दोस्तो के साथ जीने की...*

*वरना पता तो हमे भी है मरना अकेले ही है...!!*

November 25, 2017

जिंदगी....

जब तक रास्ते समझ मे आते है
तब तक लाैटने का वक्त हो जाता है..
यही है जिंदगी...

November 19, 2017

दिल से

लाख नकाबों से छीपा लो खुद को
हम तो दिल की निगाहाें से दिदार करते हैं
लाख जुबाँ को सी ले वो
हम दिल से उनकी आवाज सुन लेते हैं।।

November 18, 2017

सुप्रभात

. .  . . 🙂सुप्रभात😀
मुस्कुराके हर पल बिताना सिखाे,
गमों को हँस के टालना सिखो ।
परेशानियाँ सभी को है जिंदगी में उन्हें भी हँसते हँसते जीना सिखो।।
https://ravindra1659.wordpress.com

November 9, 2017

गम का एहसास!!

जिदगी में गम न होते
अगर
खुशियों से आनंद कैसे
मिलता?
खुशियाँ न आती जिंदगी में
अगर
तो गम का अहसास कैसे होता?

रविंद्र "रवि " कोष्टी

जिंदगी की सच्चाई

"चलते चलते ठोकर लगना
गिरते गिरते संभलना
फिर भी गिर जाना
गिरते ही बौखलाना
हिम्मत बांध उठने की कोशिश
उठते उठते लडखडाना
फिर उठना कपडे झटकना
और चल पडना
अपने गंतव्य की ओर"
इसी का नाम तो
जिंदगी है
किसी ने पुछा जब मुझसे
मैंने बताई
जिंदगी की सच्चाई!

रविंद्र ""रवि " कोष्टी

October 20, 2017

दिवाली की रात

 दिवाली की रात
दूर आकाश में
छु कर
वो चाँद देखने की कोशिश करता होगा
यहाँ धरती पर
दिवाली की रात लोग
क्या-क्या कर रहे है
लेकिन उसकी आँखे
धरती पर जलते करोडो दियो 
लाखो पटाखों  की
जगमगाती  रोशनी से

चौंधिया  जाती होगी




October 19, 2017

Happy Diwali*****