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April 20, 2020

व्यक्तित्व

🙏🙏🙏

*"व्यक्तित्व" की भी*
*अपनी वाणी होती है,*
*जो "कलम"' या "जीभ"* 
*के इस्तेमाल के बिना भी,* 
*लोगों के "अंर्तमन" को छू जाती है..!!!*

      *सुप्रभात* 💐🌹

April 18, 2020

प्रभुकृपा

*प्रभुकृपा का अर्थ यह नहीं कि जीवन में कभी दुःख ही न आए।*

*दुःख में भी आप दुखी न हों वो घड़ी कब बीत जाए आप को पता ही न चले यही है  "प्रभुकृपा"।।*

*🌹।।good morning।।🌹*

April 2, 2020

बेबस इंसान

*इंसान दो मामलों में बेबस है;*
*"दुख" बेच नहीं सकता;...!!*
*"सुख"खरीद नहीं सकता;...!!*
         
*मुसीबतें रुई से भरे थैले की तरह होती हैं;*

*देखते रहेंगे तो बहुत भारी दिखेगी;*
*और उठा लेंगे तो!!* 
*एकदम हल्की हो जायेंगी..!!*

 *खुश रहिये मुस्कराते रहिए*

*🙏💐सुप्रभात💐🙏*

March 27, 2020

कोरोना का कहर...

दोस्तों, इस कोरोना ने सारी दुनिया को घर में बंद होने को मजबूर कर दिया है। आज सारी दुनिया ही अपने ही घर में कैद हो गयी है। किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि एक खुली आँखों को न दिखाई देनेवाला वो भी निर्जीव कण सारी दुनिया को इस तरह तकलिफ मे ला सकता है। इस तरह की आपदा से निपटने के लिए कोई भी देश तैयारी में नहीं था। 

इंटरनेट से गुगल पर एक बहुत ही अच्छी इमेज मिली है। जिसमें धरती को मास्क पहनाया गया है। उसे भी शेअर कर रहा हुँ।

March 16, 2020

भाग्यशाली...

भाग्यशाली वह नहीं होते जिन्हें सब कुछ अच्छा मिलता है,
बल्कि वह होते हैं जिन्हें जो मिलता है
उसे वे अच्छा बना लेते हैं!                      

           *Good morning*
         🙏 *सुप्रभात* 🙏

March 14, 2020

चिंता और चिंतन

चिंता उलझाती है और
चिंतन सुलझाता है...

चिंता करोगे तो उलझ जाओगे
पर चिंतन करोगे तो
उलझे हुओं को भी समाधान
का रास्ता दिखा दोगे...!!
      शुभ प्रभात

March 9, 2020

होली शुभकामनाएँ

आप सभी को होली की शुभकामनाएँ

March 4, 2020

मीठे बोल...

“क्रोध” में बोला हुआ केवल एक “कठोर शब्द” इतना “जहरीला” बन सकता कि आपकी हजार प्यारी बातों को एक मिनट में नष्ट कर सकता है । इसलिए…,
कम बोलो, धीरे बोलो, मीठा बोलो ।।
       🙏 सुप्रभात 🙏

March 1, 2020

प्रात: स्नेह वंदन्

प्रात: स्नेह वंदन्
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प्रयत्न करने से कभी न चूकें..!
हिम्मत नहीं तो प्रतिष्ठा नहीं,
विरोधी नहीं तो प्रगति नहीं..!!

जो पानी में भीगेगा
वो सिर्फ लिबास बदल सकता है

लेकिन जो पसीने में भीगता है वो
इतिहास बदल सकता है.
    😊🙏🙏😊
(.व्हाट्सएप पर प्राप्त संदेश )

February 22, 2020

कोशिश...

कोशिशों का कद इतना बडा रखें
की तकदिर को भी अपना सर नीचा रखना पडे।
💐💐गुड मॉर्निंग💐💐

February 20, 2020

खुशियाँ

खुशियाँ तो बहुत आती है जिंदगी में
मगर 
हर खुशी तुम्हारा फता पुंछती है।

रविंद्र "रवी" कोष्टी

February 18, 2020

वाह री जिंदगी..

बचपन में
कुछ भी नही था साथ
था तो बस हौसला,
डटे रहे
जिंदगी जिते रहे।
आज बुढापे में 
सब कुछ है
लेकिन 
जिने के लिए 
हौसला नहीं हैं।
हौसला अफ़ज़ाई करनेवाले 
तब भी नदारद थे
आज भी नदारद हैं।

रविंद्र "रवी" कोष्टी

February 17, 2020

सलीक़ा...।

जिंदगी के हर लम्हें में 
खुशीयाँ छुपी होती है,
बस उन्हे जिने का
सलीक़ा चाहिए।

रविंद्र "रवी" कोष्टी

February 10, 2020

खुबसूरत जिंदगी

जिंदगी तुम कितनी खुबसूरत हो,
ये तो हम है जिनकी नज़र मे़ खोट है।

रविंद्र "रवी" कोष्टी

February 9, 2020

दोस्त....

दोस्त वों फुल होते है 
जिंदगी के पेड पर
जो कभी मुरझाते नहीं
हर वक्त जिंदगी में
खुशियाँ बाँटते हैं।

रविंद्र "रवी" कोष्टी

February 7, 2020

जीवन का अर्थ...

सभी शब्दों का अर्थ मिल
       सकता है
                 परन्तु
जीवन का अर्थ
          जीवन जी कर
                   और
संबंध का अर्थ
संबंध निभाकर ही मिल
    सकता है ।
          

          🌹 शुभसंध्या🌹

February 3, 2020

सच्ची सोच...

जिस मनुष्य के हृदय में सच्ची मानवता हो उसकी सोच हमेशा यही होगी कि,

मुझे मिला हुआ दुःख किसी को  न मिले और
मुझे मिला हुआ सुख सबको मिले
      🙏🏻 🙏🏻सुप्रभात🌹🌹
🐿🐿🐿🐿🐿🐿🐿🐿🐿🐿🐿🐿

February 1, 2020

रोशनी..

अगर आप किसी को
रोशनी दिखाने के लिए
दीपक जलाएंगे.
तो उजाला आपके
सामने भी होगा
  ‼ आपका दिन शुभ हो‼
           🙏 सुप्रभात 🙏

January 30, 2020

रिश्तें...।

रिश्ते निभाने के लिए बुद्धि नहीं,
दिल की शुद्धि होनी चाहिये..!!
सत्य कहो, स्पष्ट कहो, सम्मुख कहो,
जो अपना हुआ तो समझेगा,
जो पराया हुआ तो छुटेगा.!!
      🙏🏻🌹 सुप्रभात🌹🙏🏻
    आपका दिन शुभ हो
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
रोज की तरह आज भी मैने सुबह सुबह संदेश फॉरवर्ड करना सुरु किया. इतने दोस्त और व्हाट्सएप ग्रुप है कि हर रोज तकरीबन आधा घंटा बित जाता है फॉरवर्ड करने में।ऐसे मे यह ध्यान ही नही रहता कि कब किसे संदेश फॉरवर्ड किया। काम खतम कर मै सुस्ता रहा था कि घरवाली आकर बडबडाने लगी। "आज का आपका संदेश बहुत ही सटिक है। जैसे व्यवहार करते हो उसे शोभा देता है।" 
मै सकपका गया,"अरे भागवान क्या हुआ? क्यो शोर मचा रही हो?" 
"रिश्ते निभाने के लिए बुद्धी नही..... वो तो आपके पास है नही! सही कहाँ न मैने!"
"जी बिलकुल सही कहा. वो क्या है कि हम परोपकारी लोग है. जब भगवान बुद्धी बाँट रहे थे तब मैने एक इंसान को लाईन के आखिर मे खडे देखा। थोडा पागल जैसा लग रहा था। मैने सोचा चलो इसकी सहायता कर दे। सो मैने मेरी जगह उसे दे दी और मै उसकी जगह चला गया। "
"तभी मै सोचू आप ऐसे क्यो है। " वो.
"लेकिन मैने अंदर की बात बताई ही नही।"मै.
" वो क्या?  " वो.
"मेरा नंबर आते आते बुद्धी खत्म होने को आयी थी। मुझे यह बात समझ आ गयी। इसलिए मैने यह परोपकार किया। " मै.
"अरे वा। आप तो बहुत समझदार थे।" वो.
"लेकिन तुमने वो कौन था ये नहीं पुछा।" मै
"जरूरत नही. लेकिन आप बता ही  दिजिए।" वो.
"अरे उसे मै तब थोडे ही पहचानता था। वो तो शादी के बाद पहचान हुई। तब पता चला वो तुम्हारा भाई था।" मै
"क्या????"वो
उनकी हालत देखने लायक थी।

January 29, 2020

भाग्यवान...


यात्रियों से भरी बस चली जा रहा थी, जब अचानक मौसम बदला और भारी बारिश चालू हो गयी और बिजली भी चारों तरफ चमकने लगी ।

सभी देख रहे थे कि बिजली कभी भी बस को चपेट में ले सकती है ।

रोशनी से बचने के 2 या 3 कठिन  प्रयास के बाद, चालक ने पेड़ से पचास फुट की दूरी पर बस बंद कर कहा -

"हमारे पास बस में कोई है जिसकी मृत्यु आज निश्चित है ।"

उस व्यक्ति की वजह से बाकी सब लोग आज भी मारे जाएंगे ।

अब ध्यान से सुनिये जो मैं कह रहा हूं ..
मैं चाहता हूं कि प्रत्येक व्यक्ति बस से उतर एक एक कर बाहर जाकर पेड़ के तने को स्पर्श करे और वापस आ जाए ।

"जिसकी मौत निश्चित है वह बिजली से पकड़ा जाएगा और मर जाएगा और बाकी सभी को बचा लिया जाएगा ।"

उसने पहले व्यक्ति को जाने और पेड़ को छूने और वापस आने के लिये कहा ।

वह अनिच्छा से बस से उतर गया और पेड़ को छुआ ।

उसका दिल प्रसन्न हो गया जब कुछ भी नहीं हुआ और वह अभी भी जीवित था ।

यही क्रम बाकी यात्रियों के लिए जारी रहा और उन सभी को राहत मिली जब वे पेड़ को छु कर लौटे और कुछ भी नहीं हुआ ।

लेकिन जब आखिरी यात्री की बारी आई, तो सभी उसे आँखों से घूरने लगे ।

वह यात्री बहुत डर गया और अनिच्छुक था क्योंकि वही केवल  अकेला बचा था ।

सभी ने उसे नीचे उतरने और जाने और पेड़ को छूने के लिए मजबूर किया ।

मृत्यु के 100% भय के साथ, अंतिम यात्री पेड़ के पास गया और उसे छुआ ।

उसी समय वहाँ गड़गड़ाहट की एक बड़ी आवाज़ गूँजी और बिजली ने बस को चपेट में ले लिया - हां, बिजली के चपेट में आने से बस के अंदर सभी मारे गये ।

इस घटना से यह स्पष्ट हो गया   ( मानना पडेगा ) कि पूरी बस इस आखिरी यात्री की उपस्थिति के कारण सुरक्षित थी ।

कई बार, हम अपनी वर्तमान उपलब्धियों के लिए स्वयं श्रेय लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि यह हमारे साथ जूडे एक व्यक्ति के कारण है । शायद उस व्यक्ति की वजह से हम अपनी वर्तमान खुशी, सम्मान, प्रेम, नाम, प्रसिद्धि, वित्तीय सहायता, शक्ति, स्थिति................का आनंद ले रहे हैं ।

अपने चारों ओर देखिए - शायद आपके माता-पिता, आपके पति या पत्नी, आपके बच्चे, आपके भाई-बहन, आपके मित्र आदि के रूप में आपके आस-पास कोई है, जो आपको नुकसान से बचा रहे हैं ..!

इसके बारे में सोचिये .. और उस आत्मा को धन्यवाद दें...।
(व्हाट्सएप से प्राप्त संदेश)