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October 19, 2019

मन की शांति

दुनिया में सबसे
अनमोल मन की शांति है
जो ना बिकती है
न खरीदी जा सकती है
मन अशांत हो तो
महंगी से महंगी चीज
से भी शांत नहीं होता⭐

🌸🌸🌸सुप्रभात🌸🌸🌸

October 16, 2019

शुभ प्रभातम्

"दूरियों" का ग़म नहीं अगर......
         "फ़ासले" दिल में न हो,

"नजदीकियाँ"बेकार हैं......
     अगर जगह दिल में ना हो..!!

🌷🙏🏻सुप्रभात🙏🏻🌷

October 15, 2019

वक्त" और "दौलत"

☘🌹॥सुप्रभात्-पुष्प॥🌹☘

🕉"वक्त" और "दौलत"
  के बीच का सबसे बड़ा अंतर...
              
आपको हर "वक्त" पता होता है
आपके पास कितनी "दौलत" है,

लेकिन आप कितनी भी "दौलत"
खर्च करके यह नही जान सकते  
आपके पास कितना ‘‘वक्त"है !!

जिंदगी.....

दोस्त , किताब , रास्ता , और सोच!
ये चारों  जीवन में सही मिलें तो,
ज़िंदगी "निख़र".... जाती है .
वरना "बिख़र" ज़ाती है ...

  🌹🌹शुभ प्रभात🌹🌹

October 14, 2019

खुशी.....🙂


(व्हाट्सएप पर प्राप्त एक कविता. अच्छी लगी सोचा शेअर कर दु।)

बहुत दिन बाद
पकड़ में आई...
थोड़ी सी खुशी...
तो पूछा ?

कहाँ रहती हो आजकल.... ?
ज्यादा मिलती नहीं..?

"यही तो हूँ"
जवाब मिला।

बहुत भाव
खाती हो खुशी ?..
कुछ सीखो
अपनी बहन से...
हर दूसरे दिन आती है
हमसे मिलने..  "परेशानी"।

आती तो मैं भी हूं...
पर आप ध्यान नही देते।

"अच्छा"...?

शिकायत होंठो पे थी कि.....
उसने टोक दिया बीच में.

मैं रहती हूँ..…
कभी आपकी बच्चे की
किलकारियो में,

कभी
रास्ते मे मिल जाती हूँ ..
एक दोस्त के रूप में,

कभी ...
एक अच्छी फिल्म
देखने में,

कभी...
गुम कर मिली हुई
किसी चीज़ में,

कभी...
घरवालों की परवाह में,

कभी ...
मानसून की
पहली बारिश में,

कभी...
कोई गाना सुनने में,

दरअसल...
थोड़ा थोड़ा
बाँट देती हूँ,
खुद को
छोटे छोटे पलों में....
उनके अहसासों में।
     
लगता है
चश्मे का नंबर
बढ़ गया है आपका...!
सिर्फ बड़ी चीज़ो में ही
ढूंढते हो मुझे.....!!!

खैर...
अब तो पता मालूम
हो गया ना मेरा...?
ढूंढ लेना मुझे
आसानी से अब
छोटी छोटी बातों में..."🙂

शब्द...

जब मन खराब हो
तब बुरे शब्द ना बोलें,
क्योंकि.
खराब मन को
बदलने के मौके बहुत मिल जायेंगे
लेकिन शब्दों को बदलने के मौके फिर नहीं मिलेंगे

       💐सुप्रभात 💐

🙏जय गणेश जय जय गणेश🙏

October 13, 2019

मन की शांती...

दुनिया में सबसे अनमोल
मन की शांति है
जो ना बिकती है
न खरीदी जा सकती है
मन अशांत हो तो
महंगी से महंगी चीज से
भी शांत नहीं होता

🌸🌸🌸सुप्रभात🌸🌸🌸

जिंदगी का सफर..

अपने हौसलों को ये
खबर करते रहो...

ज़िंदगी मंज़िल नहीं,
सफर है, करते रहो....!!!!

       👍सुप्रभात 👍

शब्द और मुस्कराहट

अगर किसी परिस्थिति के लिए
हमारे पास सही शब्द नहीं हैं,
तो सिर्फ मुस्कुरा दीजिये..
          "शब्द "
उलझा सकते हैं पर
      "मुस्कराहट "
हमेशा काम कर जाती है

    ##शुभप्रभात##

October 12, 2019

ऐ सांसों

ऐ सांसों जरा आहिस्ता चलों
अब बुढापा आ गया है इस आंगन में।१।
धडकनों तुम भी थोडा सुस्ताना सिखों सफेदी से उजियारा छा गया है इस आंगन मे।२।

रविंद्र "रवि" कोष्टी

October 6, 2019

ऐ जिंदगी चल ऊठ.....

तू न थक ऐ जिंदगी,
अभी बहुत दूर तलक जाना है हमें,
तू ही तो है अकेली मेरी हमसफर
चल ऊठ ऐ जिंदगी
इतनी जल्दी थकना नही है हमें।।
तू भी थक जाएगी मेरे जैसी
तो मेरा हौसला अफजाई
कौन करेगा??
मुझे सहारा दे
इस ढलती उम्र मे
कौन है जो ले चलेगा
मेरी उंगली थाम
मुझे उस मंजिल तक
जहाँ तलक होता है
सबका सफर
ऐ जिंदगी
उसके बाद तो तूम भी
बेवफाई करने से नही
कतराओगी
अपना मुँह फेर
आँखे चुरा
मुझे अकेला छोड
चल दोगी
जैसा सब के साथ करती हो
ऐ जिंदगी!!!!

रविंद्र "रवि" कोष्टी

September 21, 2019

दिल....

ख्वाबों मे लगाई थी
आग उनकी यादों को,
जाग गये तो अपने ही
दिल को जलते पाया हमने।
"रविंद्र 'रवी' कोष्टी"

September 14, 2019

गड़बड़ कहाँ हुई ..

गड़बड़ कहाँ हुई ..

दोस्तों, व्हाट्सएप ग्रुप में प्राप्त एक अच्छा संदेश यहाँ शेअर करना चाहता हुँ।

       एक बहुत ब्रिलियंट लड़का था। सारी जिंदगी फर्स्ट आया। साइंस में हमेशा 100% स्कोर किया। अब ऐसे लड़के आम तौर पर इंजिनियर बनने चले जाते हैं, सो उसका भी सिलेक्शन IIT चेन्नई में हो गया। वहां से B Tech किया और वहां से आगे पढने अमेरिका चला गया और यूनिवर्सिटी ऑफ़ केलिफ़ोर्निया से MBA किया।

अब इतना पढने के बाद तो वहां अच्छी नौकरी मिल ही जाती है। उसने वहां भी हमेशा टॉप ही किया। वहीं नौकरी करने लगा।  5बेडरूम का घर  उसके पास। शादी यहाँ चेन्नई की ही एक बेहद खूबसूरत लड़की से हुई।

एक आदमी और क्या मांग सकता है अपने जीवन में ? पढ़ लिख के इंजिनियर बन गए, अमेरिका में सेटल हो गए, मोटी तनख्वाह की नौकरी, बीवी बच्चे, सुख ही सुख।

लेकिन दुर्भाग्य वश आज से चार साल पहले उसने वहीं अमेरिका में, सपरिवार आत्महत्या कर ली.अपनी पत्नी और बच्चों को गोली मार कर खुद को भी गोली मार ली। What went wrong? आखिर ऐसा क्या हुआ, गड़बड़ कहाँ हुई।

ये कदम उठाने से पहले उसने बाकायदा अपनी wife से discuss किया,फिर एक लम्बा suicide नोट लिखा और उसमें बाकायदा अपने इस कदम को justify किया और यहाँ तक लिखा कि यही सबसे श्रेष्ठ रास्ता था इन परिस्थितयों में। उनके इस केस को और उस suicide नोट को California Institute of Clinical Psychology ने ‘What went wrong'? जानने के लिए study किया।पहले कारण क्या था, suicide नोट से और मित्रों से पता किया। अमेरिका की आर्थिक मंदी में उसकी नौकरी चली गयी। बहुत दिन खाली बैठे रहे। नौकरियां ढूंढते रहे। फिर अपनी तनख्वाह कम करते गए और फिर भी जब नौकरी न मिली, मकान की किश्त जब टूट गयी, तो सड़क पर आने की नौबत आ गयी। कुछ दिन किसी पेट्रोल पम्प पर तेल भरा बताते हैं। साल भर ये सब बर्दाश्त किया और फिर पति पत्नी ने अंत में ख़ुदकुशी कर ली. इस case study को ऐसे conclude किया है experts ने :This man was programmed for success but he was not trained, how to handle failure.यह व्यक्ति सफलता के लिए तो तैयार था,पर इसे जीवन में ये नहीं सिखाया गया कि असफलता का सामना कैसे किया जाए। अब उसके जीवन पर शुरू से नज़र डालते हैं। पढने में बहुत तेज़ था, हमेशा फर्स्ट ही आया। ऐसे बहुत से Parents को मैं जानता हूँ जो यही चाहते हैं कि बस उनका बच्चा हमेशा फर्स्ट ही आये, कोई गलती न हो उस से। गलती करना तो यूँ मानो कोई बहुत बड़ा पाप कर दिया और इसके लिए वो सब कुछ करते हैं, हमेशा फर्स्ट आने के लिए। फिर ऐसे बच्चे चूंकि पढ़ाकू कुछ ज्यादा होते हैं सो खेल कूद, घूमना फिरना, लड़ाई झगडा, मार पीट, ऐसे पंगों का मौका कम मिलता है बेचारों को, 12th कर के निकले तो इंजीनियरिंग कॉलेज का बोझ लद गया बेचारे पर, वहां से निकले तो MBA और अभी पढ़ ही रहे थे की मोटी तनख्वाह की नौकरी। अब मोटी तनख्वाह तो बड़ी जिम्मेवारी, यानी बड़े बड़े targets कमबख्त ये दुनिया, बड़ी कठोर है और ये ज़िदगी,अलग से इम्तहान लेती है। आपकी कॉलेज की डिग्री और मार्कशीट से कोई मतलब नहीं उसे। वहां कितने नंबर लिए कोई फर्क नहीं पड़ता। ये ज़िदगी अपना अलग question paper सेट करती है। और सवाल, सब out ऑफ़ syllabus होते हैं, टेढ़े मेढ़े, ऊट पटाँग और रोज़ इम्तहान लेती है। कोई डेट sheet नहीं।एक अंग्रेजी उपन्यास में एक किस्सा पढ़ा था। एक मेमना अपनी माँ से दूर निकल गया। आगे जा कर पहले तो भैंसों के झुण्ड से घिर गया। उनके पैरों तले कुचले जाने से बचा किसी तरह। अभी थोडा ही आगे बढ़ा था कि एक सियार उसकी तरफ झपटा। किसी तरह झाड़ियों में घुस के जान बचाई तो सामने से भेड़िये आते दिखे। बहुत देर वहीं झाड़ियों में दुबका रहा, किसी तरह माँ के पास वापस पहुंचा तो बोला, माँ, वहां तो बहुत खतरनाक जंगल है इस खतरनाक जंगल में जिंदा बचे रहने की ट्रेनिंग बच्चों को अवश्य दीजिये।
विशेष -बच्चों को बस किताबी कीडा मत बनाईये, बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ धार्मिक, समाजिक व संस्कार भी देना जरूरी है, हर परिस्थिति को ख़ुशी ख़ुशी धैर्य के साथ झेलने की क्षमता और उससे उबरने का ज्ञान और विवेक बच्चों में होना ज़रूरी है।
Don't  make them machine with brain rather humans with emotions and feelings 

बच्चे हमारे है, जान से प्यारे है।

August 4, 2019

माँ की ममता...

अपने पिता की मृत्यु के बाद बेटे ने अपनी माँ को वृद्धाश्रम में छोड़ दिया और कभी कभार उनसे मिलने चला जाता था ।

  एक शाम उसे वृद्धाश्रम से फ़ोन आया कि तुम्हारी माता जी की तबियत बहुत ख़राब है, एक बार आकर मिल लो ।
 
    पुत्र वहाँ गया तो उसने देखा कि माँ कि हालत बहुत गंभीर और मरणासन्न है ।

   उसने पूछा :- माँ मैं आपके लिये क्या कर सकता हूँ ?

  माँ ने जवाब दिया :- कृपा करके वृद्धाश्रम में पंखे लगवा दे यहाँ एक भी नहीं है
    और हाँ एक फ्रिज भी रखना देना ताकि खाना ख़राब ना हो क्योंकि कई बार मुझे बिना खाए ही सोना पड़ा ।
  पुत्र ने आश्चर्यचकित होकर पूछा :- माँ, आपको यहाँ इतना समय हो गया आपने कभी शिकायत नहीं करी, अब जब आपके जीवन का कुछ ही समय बचा है तब आप मुझे यह सब बता रही हो ।क्यों ?

  माँ ने जवाब दिया :- ठीक है बेटा, मैंने तो गर्मी, भूख और दर्द सब बर्दाश्त तर लिया, लेकिन.......
    जब तुम्हारी औलाद तुम्हें यहाँ भेजेगी तो मुझे डर है कि तुम ये सब सह नहीं पाओगे

   शानदार, अतुलनीय और आगे भेजने लायक.

July 31, 2019

सादगी

उनकी सादगी के क्या कहने?
बगियाँ मे सैर करती है
तो फुल भी शरमा जाते है.

July 30, 2019

उलझनें

कुछ उलझनें
वक्त के साथ हल हो जाती है,
उन्हे वही छोड देना ही
ठिक होता है
सुलझने के लिए।

July 20, 2019

अपोलो 11

दोस्तों, विज्ञान जगत में आज का दिन बहुत खास माना जाता है। 50 साल पहले 20 जुलाई 1969 को अमेरिका का अपोलो 11 यह अंतरिक्ष यान पहलीबार चांद्रभुमी पर मानव लेकर उतरा था।
चांद्रभूमी पर पहला कदम रखनेवाला मानव था निल आर्मस्ट्राँग और दुसरे का नाम था एडविन ऑल्ड्रिन. 
यह एक ऐतिहासिक दिन था।

June 16, 2019

जिंदगी का एक और दिन.....

देखा,
जिंदगी का एक और दिन गुजर गया
इतिहास मे खुद को समाने के लिए,
तब
आज को याद आया
कुछ तो रह गया है कल का कर गुजरने के लिए
पर, आज सोचता रहा अब कर लेता हुँ
लेकिन आलस ने उसे रोक दिया और
छोड दिया कल करने के लिए
लेकिन नाकाम आज, आज भी न कर सका कल का बचा काम
और देखते ही देखते
जिंदगी का एक और दिन गुजर गया
इतिहास मे खुद को समाने के लिए।

June 10, 2019

उम्र गुजर जाती है.....

उम्र गुजर जाती है
सवालों को जवाबों
तक ले जाने के लिए,
या फिर ठहर जाते है वो
रुह को खामोशी में जलाने के लिए ।१।
(क्रमशः)
(दोस्तों ये मैने नहीं मेरी बेटी ने लिखी है)

June 1, 2019

जन्मदिवस.....

60 के दशक तक जिन लोगों ने जन्म लिया है उनकी जन्म तारीख तकरिबन 1 जून ही है। ऐसा मैने अपने जीवनकाल मे अनुभव किया है। इसका कारण है अपने देश मे उस समय तक पढाई को उतना महत्त्व नही था। माता पिता पढेलिखे न होने से बच्चों के जनम दिन कोई याद नही रखता था।
जब बच्चों का पाठशाला मे प्रवेश करवाने पहुँचते थे तब शिक्षक जनम तारिख पुछते तो  याद की जाती थी जन्म के पहले या बाद मे घटित घटनाएँ।
वो भुकंप आया था उसके एक महिने बाद ये पैदा हुआ था। या बहुत बडा अकाल पडा था उस समय ये 2 माह का था। बस इन्ही घटनाओं के आधार पर जनम दिन निश्चित हुआ करते थे।
जिन बच्चों के माता पिता कुछ पढे हुए होते वे कही लिखकर रखते या अस्पताल से प्रमाणपत्र प्राप्त कर लेते थे।
हाँ उन दिनो दाई माँ को ही बुलाया करते थे अस्पताल तो बहुत कम लोग जाते थे।
इनमे से एक बच्चा मै हुँ।
आज एक जून जो सार्वजनिक जन्म दिन भी कहलाता है।
पाठशाला मे प्रवेश करते समय पिताजी को याद नही था इसलिए एक जून लिखी गयी।