March 22, 2011

बेचारा आदमी

6 comments:

विशाल said...

बहुत बेचारा है आदमी.
कब समझेगी दुनिया.

: केवल राम : said...

और यह आदमी क्या है ? किस तरह है ? क्योँ है ?..सब प्रश्न हैं इसके सामने ...!

Ravindra Ravi said...

दुनिया यह बात नहीं समझ पा रही है विशालजी.

Ravindra Ravi said...

केवल रामजी,सही बात है. इंसान एक पहेली ही तो है.

प्रवीण कुमार दुबे said...

jay ho jay ho...

प्रवीण कुमार दुबे said...

आपका ब्लॉग पसंद आया....
कभी फुर्सत मिले तो नाचीज़ की दहलीज़ पर भी आयें-