December 11, 2009

फिसलन

दोस्तों शायद आपके शहर में बड़े बड़े मॉल होंगा या होंगे मई ऐसा इसलिए लिख रहा हु क्योकि आज कल तक़रीबन हर शहर में कमसे कम एक और बड़े शहर में एक से अनगिनत मॉल हो गए है इन मॉल में चढ़ने के लिए हमको मेहनत करने की जरुरत ही नही पड़ती क्योंकि उन्होंने आपको सीधा ऊपर पहचाने के लिए कुछ खास सुविधा ज्यो दे रखि है हमारे देश की परम्परा सीढियों से ऊपर चढ़ने की रही है लेकिन इस पाश्च्यात्त संस्कृति ने हमें इतना आलसी बना के रखा दिया है की भाइयो अब हमें ऊपर वाले माले पर चढ़के जाने की भी जरुरत नही पड़ती चलती सीढ़िया जो हमें दी गई है बड़ा मजा आता है इन सीढियों पर चढ़ने में कभी आप भी उस
नज़ारे को देखिये जब कोई नया भिडू उस सीधी पर चढ़ने की कोशिश कर रहा होता है। बहुत मजा आता है । लेकिन ख़बरदार उसे यह पता नही चलना चाहिए की आप उसे ताक रहे है। और हा एक और बात का ध्यान रखे उसे देखकर बिल्कुल भी हसना नही है।

मै सन १९९८ में जापान गया था। उन दिनों हमारे यहाँ ये सरकने वाली सीढ़िया कहा हुआ कराती थी। वहा मैंने तकरीबन हर जगह इन्ही सीढियों पर चलाना था। आब आप ही सोचिये की जिसने कभी देखा तक नही ओ इन सीढियों पर कैसे चढ़ सकता है? फिर क्या कहने बड़ा मजा आया यु कहू या बहुत हाल हुआ ऐसे कहू कुछ समझ नही प् रहा हु। कुछ भी हो लेकिन हमारी तो हालत हो गई लेकिन उन् जापान वाशियों को बहुत मजा आया.
हुआ यु की मेरे पास तिन बेग थी। और मुझे इन सीढियों पर तो चढ़ाना भी नही आता था फिर मै इन बेग को लेकर कैसे चढ़ा सकता था। मेरे साथियों के पास भी दो दो बेग्स थी। सब परेशां थे। आख़िर मैंने सोचा की क्यो न बेग्स भी इन सीढियों पर रखा कर ऊपर भेज दी जाए। मैंने अपने साथी को किसी तरह ऊपर भेज दिया। फिर मैंने एक एक बेग इन सीढियों पर रखना शुरू किया। एक बेग ऊपर पहुची और उसे वो उठाने के लिए कह दिया। उसने उस बेग को उठाके बाजु में रख दिया। फिर मैंने दूसरी बेग रखी। इस तरह से सब बेग्स ऊपर पहुचाई गई। हमारी इस करामात को देख बहुत सरे जापानी लोग जमा हो गए और हँसाने लगे।

2 comments:

साळसूद पाचोळा said...

एसे हि "कुछ पल" मिलके जिंदगी बनती है... खट्टी, मिठी. नमकिन... पलोंको जोडते रहिए. शब्दोंमे लिखकर रखिये ताकी हम भी जाने आपके कुछ पल..

साळसूद पाचोळा..

Ravindra Ravi said...

जरूर दोस्त पालो को जोडने का हि काम हम कर रहे है. आपकी अच्छी कामना ओ के लिये धन्यवाद. मेरे दुसरे ब्लॉग जरूर पढे.