60 के दशक तक जिन लोगों ने जन्म लिया है उनकी जन्म तारीख तकरिबन 1 जून ही है। ऐसा मैने अपने जीवनकाल मे अनुभव किया है। इसका कारण है अपने देश मे उस समय तक पढाई को उतना महत्त्व नही था। माता पिता पढेलिखे न होने से बच्चों के जनम दिन कोई याद नही रखता था।
जब बच्चों का पाठशाला मे प्रवेश करवाने पहुँचते थे तब शिक्षक जनम तारिख पुछते तो याद की जाती थी जन्म के पहले या बाद मे घटित घटनाएँ।
वो भुकंप आया था उसके एक महिने बाद ये पैदा हुआ था। या बहुत बडा अकाल पडा था उस समय ये 2 माह का था। बस इन्ही घटनाओं के आधार पर जनम दिन निश्चित हुआ करते थे।
जिन बच्चों के माता पिता कुछ पढे हुए होते वे कही लिखकर रखते या अस्पताल से प्रमाणपत्र प्राप्त कर लेते थे।
हाँ उन दिनो दाई माँ को ही बुलाया करते थे अस्पताल तो बहुत कम लोग जाते थे।
इनमे से एक बच्चा मै हुँ।
आज एक जून जो सार्वजनिक जन्म दिन भी कहलाता है।
पाठशाला मे प्रवेश करते समय पिताजी को याद नही था इसलिए एक जून लिखी गयी।
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June 1, 2019
जन्मदिवस.....
April 27, 2019
ये तेरा घर ये मेरा घर
कुछ साल पहले किसी ने एक अलौकिक शहर बसाया. नाम रखा फेसबुक. धीरे धीरे लोग वहाँ अपना डेरा जमाने लगे. फिर अपना घर ही बना लिया। देखते ही देखते करोडों लोगों ने वहाँ अपने घर बना लिए।
फिर एक और शख्स आए और उस दुनिया का नाम रखा व्हाट्सएप। लोगों ने यहाँ भी अपना डेरा लगाना शुरु किया। देखते ही देखते इस दुनिया ने भी अपना विहंगम रुप दिखा दिया।
फिर कोई आया जिसने इंस्टाग्राम नामक दुनिया बसाना शुरु किया। यहाँ भी लोगों ने घर बनाने शुरु किये।
इस तरह लोग आते गये नयी दुनिया बसाते गये।
अब हर किसी ने अपना घर हर नयी दुनिया में बना लिया है। कभी इस घर कभी उस घर घुमना सबकी दिनचर्या बन गयी।
और कहने लगे ये मेरा घर ये तेरा घर।
April 19, 2019
April 16, 2019
खुशियों की बरसात...
खाली खाली
दिन कटें
सुनी सुनी रातें।
अब तो आजा
साथ हो चले
हो शायद
खुशीयों की बरसातें।।
दस्तक...
सुना है खुशियाँ
नशीबवालों के दर पे
ही दस्तक देती है,
हम वो खुशनसीब कहाँ
हम तो गमों के सहारे
ही जी लेते है।
ऐतबार...
आजकल कुछ अजीब
दौर से गुजर रहा हुँ यारों
हर पल नब्ज टटोलकर
ये ऐतबार कर लेता हुँ
कि दिल ने कहीं
धडकना तो बंद नही कर दिया।
March 29, 2019
मच्छरों से छुटकारा☺️☺️
आजकल घरवाली को एक जुनून सवार है। हर रोज यू ट्यूब पर रसोई के तरह तरह के चेनल देखने का जुनून। राज की बात बताऊ? मन ही मन मै खुश होता हुँ। पुछो क्यो? अरे भाई छुटकारा जो मिल जाता है।☺️
खैर।
परसो रात युट्यूब देख रही थी तब मच्छर परेशान कर रहे। वैसे रोज ही करते है। सभी को करते होगे!! वह बोली, जरा युट्यूब पर देखना मच्छर भगाने का कोई नायाब तरिका है क्या? सुनते ही मैने देखना शुरु किया। अलग अलग व्हिडीओ मिले। और उनको दिखाये। कुछ पसंद नयी आये शायद।
आज रात वो अचानक बोली, अजी क्या हुआ? आज एक भी मच्छर नही आया। शायद डर गये कल के हमारा युट्यूब सर्च से!☺️
अरे ये तो नायाब तरिका मिला मच्छरों से छुटकारा पाने का! मैने अपनी पिठ थपथपाई☺️ वो बोली जी रहने दिजिए शाबासकी तो मुझे मिलनी चाहिए मैने ही आपको कहा था सर्च करने को। मै क्या करता दुनिया की रित ही है हर घर मे होम मिनिस्टर की ही चलती है। 😢😢
March 20, 2019
होली है......
होली की हर्षित बेला पर,
खुशियां मिले अपार |
यश,कीर्ति, सम्मान मिले,
और बढे सत्कार ||
शुभ-शुभ रहे हर दिन हर पल,
शुभ-शुभ रहे विचार |
उत्साह. बढे चित चेतन में,
निर्मल रहे आचार ||
सफलतायें नित नयी मिले,
बधाई बारम्बार |
मंगलमय हो काज आपके,
सुखी रहे परिवार ||
आप सभी और आपके परिवार को "होली की ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं"
March 8, 2019
February 8, 2019
जीवन क्या है?
हर पल मुस्कुराते रहो
खुश रहने के लिए ढुंढो बहाना
जीवन क्या है?
बस आना और जाना
हर कोई हो अपना
हर कोई पराया
सब को ही दिल में है बसाना
जीवन क्या है ?
बस आना और जाना।
रविंद्र "रवि" कोष्टी
January 27, 2019
January 15, 2019
जिंदगी जी ले....
सुरज की रोशनी में
जी ले ऐ नादान,
कुछ लोग तो
जुगनु की मंद रोशनी में भी
जीने का हुनर रखते है।
December 31, 2018
मैं मैं हुँ......
मैं मैं हुँ,
मेरा स्वागत
लोग धुमधाम से करते है;
और मेरी उम्र
ढलकर वापस
जाते समय भी
लोग मुझे धुमधाम से
बिदाई भी देते है।
मैं सिर्फ मैं ही हुँ
क्योंकि मेरी उम्र ही
सिर्फ एक वर्ष है।
मैं मैं हुँ
और मेरा नाम है
"साल"
November 22, 2018
November 20, 2018
जींदगी का सच....
जो चाहिए
वो मीलता नहीं।
जो मीलता है
वो टिकता नहीं।
जो टिकता है
वो पसंद नहीं
जो पसंद हो
वो मीलता नहीं
जो मीलता है
वो चाहता नहीं।
जो चाहता हुँ
वो खो जाता है
और जो खो जाता है एक बार
दोबारा नहीं मीलता।
November 2, 2018
प्रार्थना.......
हम जहाँ प्रार्थना करते है
केवल वहीं ईश्वर नही होता..
ईश्वर वहाँ भी होता है
जहाँ हम गुनाह करते है.!
October 28, 2018
नाचीज़ इन्सां
नाचीज इन्सां...
आसमाँ से तारे भी टूट जाते है
तो इस इन्सां का क्या
वो तो नाचीज है
कभी भी
जिंदगी के आसमाँ से
टूट कर गिर सकता है
यह सितारा
रविंद्र "रवी"
October 18, 2018
ढलती उम्र
अब तो थक जाता हुँ
थोडी दूर चलने से,
मंज़िल नजर आती है
मगर फासला तय नहीं कर पाता।१।
काफिले नजर नहीं आते ,
मंजिलें नजर नहीं आती
उम्र ढल चुकी अब तो,
और दूर चला नहीं जाता।२।
बस अब और नही.
जिंदगी की राह गुजर जाये
चाहे अंधेरे हो या काँटे
इस राह में
नजर तो कुछ नही आना।३।
March 8, 2018
आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस...
कण कण को जीवन देती
तु हर घर में उजियारा लाती
तु नर की नारी है
तु सब से न्यारी है
तु ही माया, है तु ही ममता
तु ही लक्ष्मी, तु ही सीता
तेरे बिन उसका जीवन है रिता
जल, थल, आकाश में
जा पहुँची ये सबला
कैसे कहे कोई तुझे अबला।।
" जागतिक महिला दिन" पर सभी महिलाओ को समर्पित.
--रविंद्र "रवि " कोष्टी
February 2, 2018
December 1, 2017
चाहत जीने की...
*एक चाहत होती है दोस्तो के साथ जीने की...*
*वरना पता तो हमे भी है मरना अकेले ही है...!!*
November 25, 2017
November 19, 2017
दिल से
लाख नकाबों से छीपा लो खुद को
हम तो दिल की निगाहाें से दिदार करते हैं
लाख जुबाँ को सी ले वो
हम दिल से उनकी आवाज सुन लेते हैं।।
November 18, 2017
सुप्रभात
. . . . 🙂सुप्रभात😀
मुस्कुराके हर पल बिताना सिखाे,
गमों को हँस के टालना सिखो ।
परेशानियाँ सभी को है जिंदगी में उन्हें भी हँसते हँसते जीना सिखो।।
https://ravindra1659.wordpress.com
November 9, 2017
गम का एहसास!!
जिदगी में गम न होते
अगर
खुशियों से आनंद कैसे
मिलता?
खुशियाँ न आती जिंदगी में
अगर
तो गम का अहसास कैसे होता?
रविंद्र "रवि " कोष्टी
जिंदगी की सच्चाई
"चलते चलते ठोकर लगना
गिरते गिरते संभलना
फिर भी गिर जाना
गिरते ही बौखलाना
हिम्मत बांध उठने की कोशिश
उठते उठते लडखडाना
फिर उठना कपडे झटकना
और चल पडना
अपने गंतव्य की ओर"
इसी का नाम तो
जिंदगी है
किसी ने पुछा जब मुझसे
मैंने बताई
जिंदगी की सच्चाई!
रविंद्र ""रवि " कोष्टी
October 20, 2017
दिवाली की रात
दूर आकाश में
छुप कर
वो चाँद देखने की कोशिश करता होगा
यहाँ धरती पर
दिवाली की रात लोग
क्या-क्या कर रहे है
लेकिन उसकी आँखे
धरती पर जलते करोडो दियो
लाखो पटाखों की
जगमगाती रोशनी से
चौंधिया जाती होगी
October 19, 2017
September 29, 2017
September 28, 2017
पूछो तो जाने
ठीक इसी तरह उसके जहन में हर पल अनगिनत सवाल उठते रहते है. कई सवालों के वह जवाब ही नहीं जान पाता और कई ऐसे सवाल होते है जिन्हें वह जानना तो चाहता है मगर उसे उसका जवाब ही नहीं मिल पाता.
जब से इंटरनेट आया है हमारा काम थोड़ा आसान हो गया है. कई सवालों के जवाब उस जंजाल में मिल जाते है.
लेकिन इन सवालो के जवाब जानने के लिए हम एक और तरिका अपना सकते है.
yahoo answer और quora ये ऐसी ही साईट है जहा आप अपना सवाल डालिए, दुनियाभर से कोई न कोई आपके सवाल का जवाब जरुर देता है. मगर ये दोनों आंतर्राष्ट्रीय साईट है.
हाल ही में मेरी बेटी ने ऐसी ही साईट खुद तैयार की है और उसे लोन्च भी किया है.
ma.pruchha.com इस साईट पर आप मराठी में सवाल दाल सकते है और जवाब दे सकते है.
pruchha.com भी ऐसी ही साईट है.
आप सभी दे निवेदन है की आप खुद, आपके बच्चे या और भी लोगो से इस साईट का इस्तेमाल करने के लिए कहे.
जिंदगी की रफ़्तार
" वाहन क्या है?
जिंदगी को एक जगह से
दूसरी जगह ले जाने भर का एक साधन ही तो हैलेकिन
इसकी रफ्तार यदि पकड़ से बहार चली जाये
तो
जिंदगी को इस दुनिया से
उस दुनिया में ले जाने का एक साधन बन जाती है."
इसलिए दोस्तों गाड़ी इतनी गति से चलाये की वह अपनी पकड़ में हो
चाहे जब उसे रोक सके
वरन
August 15, 2017
बचपन की यादे
October 26, 2013
सोने की चिडिया
" हा यार शायद, पर मेरा मन मानता ही नही."
"ऐसा क्यो? क्या कहता है तेरा मन?"
" मुझे लगता है हमारे पूर्वज इतने मुर्ख नही होंगे की वो फिरंगीयो को सब लुटने देते. सब पुर्वजो ने ज्यादा से ज्यादा सोना और जवाहरात जमीन में गाड कर रखे होंगे."
" तु सही कह रहा है यार! इसका मतलब सारा देश सोने की मिट्टी पर बसा है?"
" अरे सोच द्वारका समुद्र में डूब गयी थी. और श्रीकृष्णजी के समय में कितना सोना होता होगा. वो सब कहा गया?"
"हा यार समुंदर में भी सोना हो सकता है."
" ............................"
"..............................."
June 19, 2013
हाहाकार
मै २००७ में हिमाचल प्रदेश में गया था. शिमला में रुका था और नजदीक नाथपा झाकरी प्रोजेक्ट पर गया था. ऑफिसियल काम से ही गया था. उस समय आदतन मैंने सम्पूर्ण शिमला और वहां से उस प्रोजेक्ट ताका के रास्ते का मुआयना किया था.मै तोनजारा देख हैरान हो गया था. वहाँ लोग कैसे जीते होंगे यह सोच भी नहीं पा रहा था. क्योकि हर तरफ पहाड़ी ही थी. पहाड़ी पर ही बिल्डिंगे बनी हुई थी. वो भी २-३ मंजिला नहीं. १०-१० मंजिला. इ़तना ही नहीं सारे रास्ते मनी कई एक्सीडेंट हुए देखे थे. बिल्डिंगे गिरी हुई, बस गिरी हुई. क्योकि भारी बारिश की वजह से रास्ते ढह गए थे. जब हमारी कार ऐसे रस्ते से गुजराती थी तो मै तो दिल थाम के बैठता था. मैंने देखा की सारा हिमालय मिटटी का बना हुआ है. पत्थर का तो कही पता ही नहीं होता था. तभी मै अपने साथियो से बोला था यदि यहा धुआधार बारिश होती रही तो ये पहाड़ ढह जाने में देर नहीं लगेगी.
दोस्तों आज वही हो रहा है.
पहले हिमालय में बारिश कम हुआ करती थी सिर्फ बर्फ ही पड़ती थी. लेकिन ग्लोबल वार्मिंग की वजह से वहां की बर्फ कम होती जा रही है और बारिश बढती जा रही है.
हमें अब भी मौक़ा है प्रकृति को समझने का वरन वो हमें ही समझा देगी की वो क्या है और उसकी ताकत क्या है.
December 29, 2012
आखिर कब तक…..................
December 25, 2012
November 7, 2012
November 6, 2012
October 26, 2012
October 20, 2012
धन कमाने की रफ्तार
जिंदगी किस रफ्तार से गुजर गयी पता भी न चल पाया!
धन का नशा उन्हें कुछ इतना चढ गया
सामने यमराज आये तो उन्हें भी धन से नहला दिया!
धन कमाने की रफ्तार जिंदगी से तेज थी
बुढ़ापा कब आया पता भी न चल सका!
October 6, 2012
August 15, 2012
July 18, 2012
श्रद्धांजलि- एक सुपरस्टार को
आरी पुष्पा दुनिया में कोई अमर नहीं होता है रे. कल वो चला गया आज ये चला जायेगा और कल मई भी चला जाऊंगा रे. आज ये सुपरस्टार सचमुच ही इस दुनिया को अलबिदा कह चला गया.
निचे लिखी सच्चाई के साथ इस महँ कलाकार को श्रद्धांजलि.
अरी पुष्पा यहाँ कोई 'अमर' नहीं है रे. 'अमर' तो सिर्फ 'प्रेम' होता है. सिर्फ 'प्रेम' की 'आराधना' करो और जीवन 'आनद' पाओ रे.
May 18, 2012
May 12, 2012
समाज को बदल डालो...........
'सत्यमेव जयते'
May 6, 2012
कुछ लोग ऐसे होते है
March 27, 2012
चाहनेवाले......
आपका अपना
रविंद्र 'रवी'

































