June 18, 2011

मेला

गाँव का एक जवान थोडा पढ़ा लिखा एक बार अपने सालेसाहब के यहाँ शहर गया। रविवार के दिन दोनों शहर में घूमने गए। गाव के उस जवान ने एक जगह एक बोर्ड लगा हुआ देखा और साले से कहा " अरे देखो वहा तुम्हारा मेला लगा हुआ है।"
सालेसाहब सकपका गए और बोले, "जीजाजी, मेरा तो कही मेला नहीं लगा है।"
" अरे वहा देखो वो बडे- बडे अक्षरों में अंग्रेजी में लिखा दिखाई नहीं दे रहा।"
सालेसाहब ने बोर्ड की तरफ देखा तब उनकी समझ में आया की माजरा क्या है। और वो पेट पकड़ पकड़ कर बहुत देर तक हसते रहे।
दरअसल, बोर्ड पर लिखा था, "SALE KA MELA"
उस दूकान में असल में एक सेल लगा था। सेल को उस गाव के जवान ने साले पढ़ लिया.

3 comments:

mahendra srivastava said...

हाहाहहाहहाा... क्या बात है। मजा आ गया

Rravindra Ravi said...

शुक्रिया महेन्द्रजी!

shephali said...

मजेदार
बहुत खूब